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Chamba News: एचआरटीसी की अस्थायी भर्ती पर बवाल

Wed, 24 Jun 2026 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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ड्राइविंग टेस्ट केंद्र में फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा, चंबा में डेढ़ घंटे तक चला हंगामा
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हड़ताल के बीच चालकों और परिचालकों की अस्थायी भर्ती पर उठाए सवाल
रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे युवाओं ने जताया प्रदेश सरकार की नीति पर रोष
पुलिस बुलानी पड़ी, समझाने के बाद भी अधिकांश अभ्यर्थियों ने टेस्ट देने से किया इन्कार

संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालकों-परिचालकों की मांगें पूरी न होने के चलते प्रस्तावित हड़ताल और चक्का जाम की स्थिति के बीच निगम की ओर से अस्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर बुधवार को चंबा में जमकर हंगामा हुआ।
जिले भर से करीब 300 अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पहुंचे लेकिन नौकरी की शर्तों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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सुबह करीब 11 बजे से ही क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। उम्मीदवार दस्तावेज जमा करवाने के लिए घंटों तक इंतजार करते रहे। दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को तड़ोली स्थित ड्राइविंग टेस्ट केंद्र भेजा गया। यहां उन्हें बताया गया कि उनकी नियुक्ति केवल चालकों-परिचालकों की हड़ताल अवधि तक ही रहेगी। निगम की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि नियमित चालकों-परिचालकों की हड़ताल समाप्त हो जाती है तो अस्थायी रूप से नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी। साथ ही उन्हें प्रतिदिन 1500 रुपये के मानदेय पर रखा जाएगा। यह जानकारी मिलते ही अभ्यर्थियों नाराज हो गए। कई युवाओं ने ड्राइविंग टेस्ट देने से इनकार कर दिया और केंद्र परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा जिससे भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।

रोजगार की तलाश में आए, दो दिन बाद निकाल देंगे तो क्या फायदा
चंबा। भर्ती प्रक्रिया में पहुंचे अभ्यर्थियों बंटी कुमार, विकास कुमार, मनोज कुमार, योगराज ने कहा कि वे रोजगार की उम्मीद लेकर दूरदराज क्षेत्रों से आए हैं लेकिन सरकार की ओर से केवल हड़ताल की अवधि तक नौकरी देने का प्रस्ताव उनके साथ अन्याय है। यदि नियुक्ति कुछ महीनों के लिए भी होती तो युवाओं को राहत मिलती लेकिन दो-चार दिन की नौकरी के बाद बाहर कर देना किसी भी बेरोजगार के हित में नहीं है। उनका आरोप था कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

चालक-परिचालकों की मांगें मान ले सरकार, नहीं पड़ेगी ऐसी भर्ती की जरूरत
विरोध कर रहे युवाओं सुनील कुमार, अनिल कुमार, बलदेव सिंह ने नियमित चालक-परिचालकों की मांगों का भी समर्थन किया। उनका कहना था कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती तो हड़ताल जैसी स्थिति पैदा ही नहीं होती। चालक-परिचालक अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। यदि सरकार नियमित कर्मचारियों के साथ ऐसा रवैया अपना सकती है तो नई भर्ती होने वाले कर्मचारियों के साथ भी भविष्य में ऐसा ही व्यवहार किया जा सकता है।
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पुलिस बुलानी पड़ी, समझाने के बाद भी अभ्यर्थियों का टेस्ट से इन्कार
तड़ोली ड्राइविंग टेस्ट केंद्र पर हंगामा बढ़ता देख परिवहन निगम को पुलिस बुलानी पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने अभ्यर्थियों को समझाया कि जो उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं, वे टेस्ट दें और जिन्हें शर्तें स्वीकार नहीं हैं, वे लौट जाएं। करीब डेढ़ घंटे तक चले विरोध और नारेबाजी के बाद पुलिस और निगम के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से बातचीत कर उन्हें शांत किया। हालांकि समझाने के बावजूद अधिकांश अभ्यर्थी निगम की शर्तों से संतुष्ट नहीं दिखे। करीब 20 प्रतिशत उम्मीदवारों ने ही ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए सहमति जताई जबकि शेष चालकों ने टेस्ट में शामिल होने से साफ इन्कार कर दिया और भर्ती प्रक्रिया से दूरी बना ली।
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