हर्बल यूनिट के इर्द-गिर्द बाड़बंदी करवा किया सुरक्षित
आयुर्वेदिक औषधालय के चिकित्सक और स्टाफ को दिया जिम्मा
जिलाभर में 42 हर्बल यूनिट वर्तमान में क्रियान्वित, लहलहा रहे औषधीय पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर के तहत आते सिरड़ी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के बगीचे में लगाए गए औषधीय पौधों को लावारिस मवेशी चट कर गए है। इसकी भनक लगते ही औषधालय केंद्र के चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने चिकित्सक और विभाग को अवगत करवाया। खैर, त्वरित कार्रवाई करते हुए औषधीय पौधों के बगीचों के इर्द-गिर्द बाड़बंदी करवाकर अब इसकी देखभाल का जिम्मा औषधालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी और चिकित्सक को सौंपा है। इसके अलावा जिला चंबा में क्रियान्वित 42 हर्बल यूनिटों में विभिन्न प्रकार के हर्बल यूनिटों में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे आयुष विभाग की ओर से लगाए गए हैं।
गौर रहे कि आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में हर्बल बागीचों में आंवला, तुलसी,भृंगराज, मुलैठी, बज्रदंती और सर्पगंधा जैसे पौधे रोपित किए गए हैं। इतना ही नहीं, जलवायु के हिसाब से निचले और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में औषधीय पौधे रोपित किए गए हैं। जिसकी देखरेख का जिम्मा वर्तमान समय में चतुर्थ श्रेणी कर्मी, चिकित्सक समेत आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में तैनात स्टाफ ही संभाल रहा है। बावजूद इसके कई जगहों पर औषधीय बगीचों की बाड़बंदी न होने से औषधीय पौधों पर खतरा ही मंडराता रहता है। इसी क्रम में सिरड़ी में भी लावारिश मवेशी रात के अंधेरे में औषधीय पौधे चट कर गए हैं। लिहाजा, अब आयुष विभाग की ओर से इस बागीचें की बाड़बंदी करवा कर इसे सुरक्षित किया गया है।
इनसेट
जिला आयुष अधिकारी डॉ. किरण शर्मा ने बताया कि आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों व हेल्थ वेलनेस सेंटरों के बगीचों में औषधीय पौधे रोपित किए गए हैं। बताया कि जिला में वर्तमान समय में 42 हर्बल यूनिट स्थापित किए गए हैं। जिसकी देखरेख का जिम्मा सेंटरों में तैनात स्टाफ ही कर रहा है। औषधीय बगीचों के इर्द-गिर्द बाड़बंदी करवाकर इन्हें सुरक्षित करवाया गया है।