मणिमहेश यात्रा से ट्रस्ट इस बार दो करोड़ रुपये की आय जुटाएगा। इस राशि के लिए ट्रस्ट ने कदमताल शुरू कर दी है। दानपात्र से हेली टैक्सी सेवा तक सभी से वसूली का प्रबंध किया जा रहा है। पिछले साल मणिमहेश यात्रा से ट्रस्ट को 49,31,342 रुपये की आय हुई थी। लेकिन ट्रस्ट ने पिछली यात्रा में करीब 50 लाख रुपये प्रबंधन पर भी खर्च कर दिए। जिसमें राशि का एक बड़ा हिस्सा दानपात्रों की खरीद और उन्हें व्यवस्थित करने पर खर्च किया गया है।
ट्रस्ट ने करीब 89 दानपात्र खरीदे थे जिस पर करीब साढ़े पांच लाख रुपये की राशि खर्च की गई। यह दानपात्र काफी विरोध और देरी के बाद व्यवस्थित हो पाए थे। जिसकी वजह से इनसे ट्रस्ट को आय भी कम ही हुई। लेकिन इस बार समय से पूर्व ही दानपात्र को व्यवस्थित करने के प्रबंध किए जा रहे हैं।
इसके अलावा दानपात्र की खरीद पर भी ट्रस्ट को पैसे खर्च नहीं करने होंगे। ट्रस्ट ने आय बढ़ाने के लिए हड़सर से गौरीकुंड तक लगने वाले ढाबे व दुकानों से भी उगाही का फैसला किया है। इसके साथ ही हर पड़ाव पर दानपात्र होगा और सभी लंगर के बाहर दानपात्र रखे जाएंगे। सभी पड़ाव गौरीकुंड, डलझील, हड़सर, धनछो, सुंदरासी, भैरोघाटी, चतुर्मुख शिवलिंग समेत चौरासी, भरमाणी माता के बाहर भी दानपात्र स्थापित होंगे।
दो करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करेंगे : एसडीएम
एसडीएम भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर का कहना है कि मणिमहेश यात्रा में दानपात्र 15 जुलाई से स्थापित होंगे। यदि मौसम खराब रहा तो पहली अगस्त से दानपात्रों की व्यवस्था की जाएगी। पहली से ही कर्मचारियों को भी यात्रा की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। प्रशासन दो करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने का हर संभव प्रयास करेगा।