जुलाई महीने के आखिरी सप्ताह से शुरू हो रहे मिंजर मेले में आने वाले कारोबारियों को अपना पंजीकरण पुलिस थाने में करवाना होगा।
उनके साथ चंबा आने वाले सभी लोगों के जरूरी पहचानपत्रों की पुलिस जांच करेगी ताकि किसी तरह की कोई अनहोनी न हो सके। इस निरीक्षण के आधार पर इन कारोबारियों को सात अगस्त तक कारोबार की इजाजत दी जाएगी। जिसके बाद इन्हें शहर छोड़कर जाना होगा।
उपमंडल अधिकारी चंबा बचन सिंह ने मिंजर मेले के दौरान तह बाजार के लिए मापदंड तय कर दिए हैं। हर साल मिंजर मेले में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है और चौगान की नीलामी के बाद डॉम में दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान के कारोबारी पहुंचते हैं। इस बार तह बाजार कमेटी ने इन कारोबारियों के लिए मिंजर विसर्जन के बाद एक हफ्ते तक कारोबार की इजाजत दी है।
गौरतलब है कि मिंजर मेले के ज्यादा दिन तक चलने की वजह से चंबा शहर के कारोबारियों के प्रभावित होने की संभावना रहती है। जिसे देखते हुए व्यापार मंडल ने मिंजर को मेले के कारोबार को पांच अगस्त तक समेटने का सुझाव दिया था लेकिन इस सुझाव को तह बाजार समिति ने नकार दिया और इस बार भी एक सप्ताह का समय मिंजर कारोबारियों के लिए सुनिश्चित किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने भी मिंजर मेले में सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने का फैसला किया है। जिसके मद्देनजर शहर के सीसीटीवी के जरिये निगरानी की जाएगी व पुलिस कंट्रोल रूम चौगान में स्थापित होगा। शहर में एंट्री के सभी रास्तों पर चौकसी बढ़ाई जाएगी।
मिंजर विजर्सन के एक हफ्ते बाद तक हो पाएगा कारोबार
एसडीएम चंबा बचन सिंह का कहना है कि 24 जुलाई को मिंजर मेले के आगाज से विसर्जन के एक हफ्ते बाद यानी सात अगस्त तक मेले में कारोबार की इजाजत होगी। इसके बाद किसी भी कारोबारी को शहर में रुकने नहीं दिया जाएगा। चौगान को खाली करवा लिया जाएगा।