चंबा में 108 एंबूलेंस में प्रसव के बाद नवजात के साथ ईएमटी और परिजन।संवाद
चंबा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहो में शाम 4:00 बजे के बाद मरीजों को एंबुलेंस से चंबा लाने का काम होता है, क्योंकि वहां शाम के बाद मरीजों को कोई डॉक्टर नहीं मिलता। सीएचसी के बाहर एक एंबुलेंस खड़ी रहती है। यह गंभीर रूप से बीमार मरीज आने पर उसे साहो से चंबा छोड़ देती है।
छोटी बीमारी के मरीजों को स्वयं यह सफर तय करना पड़ता है। मौजूदा समय में सीएचसी साहो में एक ही चिकित्सक कार्यरत है। वह सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक ड्यूटी करता है। शाम को ड्यूटी पर भेजने के लिए विभाग के पास दूसरा डॉक्टर ही नहीं है।
एंबुलेंस में करवाया महिला का प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
वीरवार रात को दियोली गांव में एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने उसे सीएचसी तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस महिला को लेकर सीएचसी जा रही थी तो बीच रास्ते में उसकी प्रसव पीड़ा बढ़ गई। ऐसे में एंबुलेंस स्टाफ को आभास हो गया कि महिला को सीएचसी साहो में ले जाने से कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि वहां डॉक्टर ही नहीं है। ऐसे में स्टाफ ने उसे चंबा ले जाने का फैसला लिया। गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर महिला दर्द से कराहने लगी। हालात को देख एंबुलेंस में कार्यरत ईएमटी अनूप कुमार और पायलट कमल ने महिला का प्रसव करवाने का फैसला लिया। उन्होंने सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी कर महिला का प्रसव करवा दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। प्रसव के बाद दोनों को चंबा अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि सीएचसी साहो में एक ही चिकित्सक कार्यरत है। जल्द ही वहां अतिरिक्त डॉक्टर की व्यवस्था करवाई जाएगी, जिससे रात को भी वहां स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।