मेडिकल कॉलेज के सॉरी वार्ड में दीवारों से टपकते पानी के बीच इलाज करवा रहे मरीज
एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती, पानी रिसने से झड़ने लगा है दीवारों का पेंट
तीमारदारों को भी सता रहा बीमार होने का डर, बोले- समस्या का समाधान करें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जहां हर सांस को संभालने की जिम्मेदारी होती है, वहीं अगर माहौल ही सांसें छीनने लगे तो हालात कितने खतरनाक हो सकते हैं, यह मंजर मेडिकल कॉलेज चंबा के सॉरी वार्ड में दिखाई दे रहा है।
दमा से जूझते मरीज, सीलन से टपकती दीवारें और एक ही बिस्तर पर दो-दो जिंदगियां, यहां इलाज से ज्यादा हालातों से जूझना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सॉरी वार्ड की दीवार पर पानी की सीलन के बीच मरीज उपचार करवाने पर विवश हैं। सॉरी वार्ड में एक-एक बिस्तर पर दो-दो मरीज भर्ती हैंं। मरीजों समेत उनके तीमारदार भी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। हैरत की बात है कि वार्ड में दीवार से रिस रहे पानी की समस्या के समाधान को लेकर अभी तक पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं।
पांच विधानसभा क्षेत्रों चंबा, चुराह, भटियात, डलहौजी, भरमौर-पांगी से मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज की हालत दिन-प्रतिदिन जर्जर हो रही है। पुराने तो पुराने अब नए भवन में भी पानी का रिसाव मरीजों की मुसीबतें बढ़ाने लगा है। मेडिकल कॉलेज के सॉरी वार्ड में दीवार से रिसने वाले पानी के कारण दीवार का पेंट गिरना शुरू हो गया है। उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौटने की आस लिए उपचाराधीन मरीज और तीमारदार ऐसी स्थिति में उपचार करवाने को विवश हैं। तीमारदारों में अशोक कुमार, किशन चंद, दलीपकुमार, प्रकाश चंद, अजीत कुमार और लोकेश कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के साॅरी वार्ड में पानी रिसने से उपचाराधीन मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में दमा की बीमारी से पीड़ित और बेड टू बेड ऑक्सीजन लगा कर बिस्तरों पर मजबूरन बीमार बैठने को विवश हैं। इतना ही नहीं, सारी वार्ड स्थित एक-एक बिस्तर पर दो-दो मरीज उपचार करवाने को मजबूर हैं।
मेडिकल कॉलेज चंबा के एमएस डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। जल्द साॅरी वार्ड का निरीक्षण कर समस्या समाधान के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।