जिले की सड़कों पर दौड़ रहीं खस्ताहाल बसें, यात्रियों की जान से हो रहा खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की सड़कों पर दौड़ रहीं एचआरटीसी की बसें अब सफर का जरिया नहीं, बल्कि जोखिम का दूसरा नाम बनती जा रही हैं। हर रूट पर चलती खस्ताहाल बसें यात्रियों को खतरे की ओर ले जा रही हैं।
शिकायतें लगातार उठ रही हैं, हादसे बार-बार टल रहे हैं लेकिन सिस्टम की रफ्तार वहीं थमी है। पुरानी बसों, पार्ट्स की कमी और स्टाफ के संकट के बीच चल रहा यह ढांचा सवालों के घेरे में है।
हालात ऐसे हैं कि कई बसें तकनीकी रूप से पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी हैं। बावजूद इसके उन्हें नियमित रूटों पर चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद पुरानी और असुरक्षित बसों को सेवा से बाहर नहीं किया जा रहा। निगम के बेड़े की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। कई बसें अपनी निर्धारित आयु और किलोमीटर सीमा पार कर चुकी हैं लेकिन अभी भी संचालन में हैं।
करीब 100 बसें पूरी तरह जर्जर हालत में हैं। लगभग 10 बसें जीरो वैल्यू, कई बसें 7 से 12 लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं। कभी बस का इंजन बंद हो जाता है तो कभी बीच रास्ते ब्रेकडाउन हो जाता है। कई यात्रियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ता है।
चालकों का कहना है कि वे कई बार बसों की खराब हालत की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाते हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। बसों की हालत बता देते हैं लेकिन फिर भी इन्हें रूट पर भेज दिया जाता है।
उधर, एचआरटीसी के डीएम पंकज चड्ढा ने बताया कि हर डिपो को सख्त हिदायत दी गई है कि रूटों पर फिट बसों को ही भेजा जाए। ब्रेक फेल के मामले को लेकर डीडीएम चंबा से रिपोर्ट तलब की गई है। चंबा डिपो की बसों के खराब होने पर ही दूरस्थ रूटों पर दूसरे डिपो की बसे वैकल्पिक तौर पर चलाई जा रही हैं।