चंबा मेडिकल कॉलेज में ठेकेदार के पर लगे संगीन आरोपों के विरोध में सफाई न करने पर नर्स डयूटी कक
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मेडिकल कॉलेज में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था
आपातकालीन कक्ष में भरे कूड़ापात्र, गंदगी के बीच चलता रहा मरीजों का इलाज
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मेडिकल कॉलेज चंबा की दीवारों के भीतर शुक्रवार की सुबह कुछ अलग ही तस्वीर लिख रही थी। जहां सफाई की हल्की गूंज और व्यवस्थित वार्डों का माहौल रहता है, वहां अचानक हालात ने करवट ले ली। आपातकालीन कक्ष से लेकर सर्जिकल वार्ड तक, हर कोना मानो व्यवस्था के ठहर जाने की कहानी सुना रहा था। इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीज गंदगी और दुर्गंध के बीच दिन गुजारने को मजबूर थे जबकि अस्पताल का हर हिस्सा सफाई व्यवस्था के ठप पड़ जाने का साक्षी बन गया।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : शुक्रवार। समय : सुबह 11 बजे। स्थान : मेडिकल कॉलेज चंबा का इमरजेंसी कक्ष। सफाई कर्मचारी आपातकालीन कक्ष में नहीं हैं। कोने में रखे कूड़ापात्र मेडिकल वेस्ट से भरे है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। वार्ड में रखे मेडिकल वेस्ट से दुर्गंध आने के कारण मरीज, तीमारदार और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ परेशान है। समय 11:15 पुरुष सर्जिकल वार्ड। यहां हालात बद से बदतर है। कूड़ापात्र मेडिकल वेस्ट से लबालब भरे हैं। चिकित्सकों ने भी राउंड गंदगी के बीच किया। वजह सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रही। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से मेडिकल कॉलेज चंबा में पूरा दिन गंदगी के बीच मरीज, तीमारदार और अस्पताल का तमाम स्टाफ रहा। फर्श पर न पोछा लगा, कूड़ापात्र भी पूरे भरे पाए गए। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। यहां तक कि अस्पताल के शौचालयों में भी गंदगी का आलम रहा। कुल मिलाकर सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सफाई व्यवस्था चरमराई रही।
उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ऐसी व्यवस्था पेश आई है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रयासरत है।