पांगी (चंबा)। जम्मू-कश्मीर और पंजाब के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक ऐतिहासिक मिंधल यात्रा एक से 30 जून तक होगी। पांगी प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध कर रहा है।
यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ाव पर पानी की टंकिंया स्थापित की गई हैं। यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 60 पुलिस और गृहरक्षक जवान तैनात किए जाएंगे।
जनजातीय क्षेत्र पांगी की ऐतिहासिक मिंधल यात्रा की तैयारियां प्रशासन ने पूरी कर ली हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालु भी दर्शन के लिए मिंधल माता के मंदिर में पहुंचते हैं। प्रशासन यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर में टेंट की व्यवस्था करवाएगा। यहां यात्री रात्रि ठहराव कर सकेंगे। मंदिर तक रास्ते में जगह-जगह पीने के पानी की टंकियां रखी जाएंगी।
यात्रा के दौरान हर वर्ष हजारों श्रद्धालु मिंधल माता का दर्शन करने के लिए आते हैं। मिंधल माता मंदिर की जीर्णोद्धार कमेटी ने प्रशासन से मांग की कि अझल नाला में बने ग्लेशियर को जल्द हटाया जाए, जिससे यात्रियों को नाले के रास्ते से आवाजाही करने में कोई परेशानी पेश न आए। कमेटी के प्रधान मान सिंह ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी होगी। मिंधल माता मंदिर का नया भवन बनाया गया है। इसको देखने के लिए भी श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है।
उधर, एसडीएम पांगी रमन घरसंघी ने बताया कि इस वर्ष मिंधल यात्रा की तैयारियां प्रशासन की ओर से पूरी कर ली गई हैं। यात्रा को लेकर जल्द मिंधल मंदिर कमेटी के सदस्यों से बैठक की जाएगी।