चंबा मिंजर मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या के दौरान पंडाल में बैठ कार्यक्रम का आनंद लेते लोग।संव
अंतराष्ट्रीय मिंजर मेले की चौथी सांस्कृतिक में यासिर के तरानों पर झूमे श्रोताओं
हिमाचली गायक केएस प्रेमी ने पहाड़ी तो तारीक मलिक ने गजलों से बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ऐतिहासिक चौगान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या बाॅलीवुड गायक यासिर देसाई के नाम रही।
उन्होंने दिल को करार आया, तुझपे ही प्यार आया, मखना सहित नैनो ने बांधी ऐसी डोर की प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीत लिया। इससे पहले हिमाचली लोक गायक केएस प्रेमी ने आ समियां बै वो सामियां, रित संगड़ोणी हो, कुंगुए दा केसर दा, गुलजारी साफे वाला, चंबे दी गोरी की प्रस्तुति से युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया तो वहीं, करण ने सानु इक पल चैन न आवे और बचना ऐ हसीनो की प्रस्तुति दी। दूसरी तरफ चंबा के ही गायक तारीक मलिक ने गजलों से समां बांधा।
चौथी सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत दोपहर दो बजे से शुरू हुई। इस दौरान जिला सहित प्रदेश के अन्य जिलों के कलाकारों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। बच्चों के नृत्य ने भी पंडाल में मौजूद श्रोताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। शाम के वक्त मिंजर मेले के मंच पर कुंजड़ी मल्हार पारंपरिक गायन शुरू हुआ। इस दौरान अजीत भट्ट एंड पार्टी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी और मिंजर मेले की संस्कृति को गीतों के शब्दों से लोगों तक पहुंचाया। इसके बाद बहादुर भारद्वाज, करण सहित निशा जरयाल ने भी अपनी प्रस्तुति दी। इसी के साथ मिंजर मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या का समापन हुआ। संवाद