बारिश की चंद बूंदें गिरते ही घटोला नाले पर टिक रहीं प्रभावित परिवारों की नजरें
प्रभावित ध्यान चंद बोले- परिवार ने भागकर बचाई जान, बह गई थी आंगन से स्कूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। आसमान में उमड़ते काले बादल घटोला नाले के किनारे बसे परिवारों के लिए बारिश का संकेत नहीं, बल्कि खौफ की दस्तक बन चुके हैं।
कुछ दिन पहले आधी रात को मलबे और पत्थरों के सैलाब ने जिस तरह घरों में तबाही मचाई, उसका डर अब भी लोगों के दिलों में है। हल्की बूंदें पड़ते ही परिवारों की नजरें नाले की ओर टिक जाती हैं। रातें जागकर कटने लगी हैं। ध्यान चंद समेत प्रभावित परिवारों के लिए सबसे बड़ा डर यह है कि कहीं अगली बारिश फिर से वही भयावह मंजर न दोहरा दे। घटोला नाले के रौद्र रूप ने सिर्फ घरों को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि लोगों के मन में असुरक्षा की गहरी दरार भी छोड़ दी है।
प्रभावित ध्यान चंद ने बताया कि रविवार देर रात को दो बजे घटोला नाले ने रौद्र रूप धारण कर लिया। मलबा, बड़े-बड़े पत्थर और कीचड़ ध्यान चंद के घर तक पहुंच गया। कुछ ही मिनटों में आंगन का डंगा टूट गया और मलबा घर में घुसने लगा। देखते ही देखते आंगन, कमरे रेसाईघर, कीचड़ और मलबे से भर गए। घर में ध्यान चंद, उनकी 63 वर्षीय पत्नी शांति देवी समेत छह सदस्य मौजूद थे। जान बचाने के लिए सभी लोग घर की दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। घर के बाहर खड़ी स्कूटी भी बह गई। यह करीब 800 मीटर दूर चंबा कॉलेज के समीप मिली।
ध्यान चंद ने बताया कि दो दिन से रात होते ही मौसम बिगड़ने पर परिवार डर के साये में जी रहा है। हल्की बारिश और बादलों की गर्जना सुनते ही पूरी रात जागकर बितानी पड़ रही है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से घर और नाले के किनारे मजबूत कंक्रीट सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से प्रभावित परिवार को राहत, मुआवजा और नाले के तटबंध को मजबूत करने की मांग उठाई है। उन्होंने बताया कि एसडीएम चंबा चिराग शर्मा और पार्षद कांता देवी ने उनके घर का मुआयना करवा कर उचित सहायता करने का आश्वासन दिया है।