चंबा में मणिमहेश डल झील के पास स्ननन करने के लिए लगी श्रधालूओं की भीड़।स्त्रोत:जागरूक पाठक
भरमौर (चंबा)। राधाष्टमी से पहले मणिमहेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अब शुक्रवार और शनिवार को बड़े न्हौण में आस्था का सैलाब उमड़ने की उम्मीद है।
वहीं, शिव उपासकों के मुताबिक राधाष्टमी के दिन बड़े न्हौण का शुभ मुहूर्त शुरू होने के साथ ही डल झील के कुंड का पानी बढ़ना शुरू हो जाता है। जैसे ही शुभ मुहूर्त समाप्त होता है तो कुंड का जलस्तर अपने आप ही कम होना शुरू हो जाता है।
इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए हजारों की संख्या में शिव भक्त डल झील में मौजूद रहते हैं। मणिमहेश यात्रा के छोटे शाही स्नान से लेकर बड़े शाही स्नान तक डल झील में पानी का जलस्तर एक समान रहता है, लेकिन जैसे ही बड़े शाही स्नान का शुभ मुहूर्त शुरू होता है तो झील में जलस्तर बढ़ने लगता है। मान्यता के अनुसार लोग इसे भगवान शिव की महिमा
मानते हैं।
चौरासी मंदिर के पुजारी शिवचरण और शिव उपासक आकाश गिरी ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की घटना राधाष्टमी वाले दिन ही देखने को मिलती है। राधाष्टमी का स्नान मणिमहेश यात्रा का सबसे बड़ा और पवित्र स्नान माना जाता है। इसलिए इसी स्नान वाले
दिन डल झील का पानी बढ़
जाता है।
डल झील में ऐसा नहीं है कि पानी एकदम बढ़ता है, बल्कि शुभ मुहूर्त नजदीक आते ही धीरे-धीरे पानी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो जाता है। जैसे ही शुभ मुहूर्त शुरू होता है तो डल झील में पानी का जलस्तर बढ़ चुका होता है।