मेडिकल कॉलेज चंबा में दवाईयों की डिस्पेंसरी में दवाई लेता व्यक्ति। संवाद
चंबा। दिन : शनिवार, स्थान : चंबा मेडिकल कॉलेज, महिलाएं गोद में छोटे बच्चों को उठाकर ओपीडी से निराश होकर लौट रही हैं। एक से दूसरी ओपीडी में जाने के बाद भी महिलाओं को अपने बच्चों की बीमारी का इलाज करवाने की सुविधा नहीं मिल रही है। अन्य मरीज विभिन्न ओपीडी से आपातकालीन कक्ष की तरफ दौड़ लगा रहे हैं।
पांच साल में पहली बार मेडिकल कॉलेज की सभी ओपीडी खाली नजर आई। सुबह 9:30 बजे दूरदराज क्षेत्रों के मरीज स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचने लगे हैं। ओपीडी में मरीजों को कोई भी डॉक्टर नहीं मिल रहा है। 10:00 बजे सभी मरीजों को पता लग गया कि आज कोई भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठेगा। इसके चलते मरीज निजी अस्पतालों की तरफ रुख कर रहे हैं। कुछ महिलाएं बीमार बच्चों को गोद में उठाकर ओपीडी से निराश होकर घर लौट गईं। कई मरीज ओपीडी के बाहर लगे बेंच में इसी आस में बैठे हैं कि शायद यहां पर कोई डॉक्टर आएगा और उनकी स्वास्थ्य जांच करेगा। दवा डिस्पेंसरी के बाहर रोजाना सुबह लंबी लाइनें लगती हैं, वहां मात्र एक मरीज दवाई ले रहा है। पंजीकरण केंद्र के बाहर सन्नाटा पसरा है। समय 11:00 बजे मेडिकल कॉलेज के बाहर नारेबाजी हो रही है। डॉक्टर, प्रशिक्षु सहित अस्पताल के सभी कर्मचारी कोलकाता में महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। अस्पताल से रैली निकलकर चंबा चौगान पहुंची। यहां वक्ता कोलकाता हत्याकांड पर लोगों को जानकारी दे रहे हैं। लोगों को बता रहे हैं कि डॉक्टरों को क्यों सड़कों पर उतरना पड़ा। एक घंटे तक चौगान में प्रदर्शन करने के उपरांत रैली वापस मेडिकल कॉलेज निकली। डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीसी को मांगपत्र सौंपा।