चंबा। शहर के पास स्थित फर्नीचर हाउस पर ताला लटक सकता है। कारखाने में फर्नीचर हाउस, टिंबर डिपो और आरा मशीन स्थापित है, जबकि यहां नियमों को दरकिनार किया गया है।
आरा मशीन में सुरक्षा उपकरण तक नहीं लगाए गए हैं। औचक निरीक्षण करने पहुंचे श्रम अधिकारी यह सब देखकर स्तब्ध रह गए। कारखाने में अव्यवस्था को देख श्रमिकों का डाटा मांगने पर फर्नीचर हाउस का मालिक कुछ भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। श्रम अधिकारी ने कारखाना अधिनियम के तहत फर्नीचर हाउस मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में रिकॉर्ड तलब किया है। इस दौरान फर्नीचर हाउस मालिक रिकॉर्ड समेत प्रस्तुत नहीं होता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दो वर्ष कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
किसी भी प्रकार का कारखाना लगाने से पहले श्रमिकों और रिहायशी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौक चौबंद प्रबंध करने पड़ते हैं। उक्त फर्नीचर हाउस में श्रम नियमों को दरकिनार कर कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। यहां 15 श्रमिक काम करते पाए गए। इसके अलावा 1995-96 से संचालित फर्नीचर हाउस के मालिक ने फैक्टरी अधिनियम के तहत लाइसेंस तक नहीं लिया है। आग लगने की स्थिति में अग्निशमन यंत्र तक मौके पर नहीं पाए गए। श्रमिकों संबंधी रिकॉर्ड, उन्हें दिए जाने वाला वेतनमान, भत्तों का ब्योरा भी फर्नीचर हाउस मालिक प्रस्तुत नहीं कर पाया।
उधर, जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने खबर की पुष्टि की है। बताया कि श्रम और कारखाना अधिनियम का उल्लंघन उक्त फर्नीचर हाउस में पाया गया। इसके तहत फर्नीचर हाउस मालिक को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड समेत तलब किया गया है। रिकॉर्ड सहित निर्धारित समय पर उपस्थित न होने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।