भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस जरूरी जांच के लिए मरीजों को 60 से 70 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र में नागरिक अस्पताल भरमौर तथा होली और चूड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं, बावजूद इसके अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधा यहां उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी है।
इसके अलावा भरमौर स्वास्थ्य खंड के अंतर्गत आने वाले दर्जनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए चंबा रेफर किया जाता है। ऐसे में दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य खंड भरमौर में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
स्थानीय निवासी चैन सिंह, भाग चंद, सोभिया राम, प्यार चंद, नरेंद्र, कमलेश, दिनेश कुमार, सुनील और हंसराज ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र में जनजीवन पहले ही कठिन है और ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। मौजूदा समय में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। मरीजों को जांच के लिए बार-बार चंबा जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। भरमौर विधानसभा क्षेत्र की 50 हजार से अधिक आबादी इस समस्या से जूझ रही है।
लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के किसी एक स्वास्थ्य संस्थान में अल्ट्रासाउंड सुविधा जल्द शुरू की जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि सरकार से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की गई है। वहीं, विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भरमौर के लोगों को यह सुविधा मिलना मुश्किल नजर आ रहा है, क्योंकि बार-बार अवगत करवाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।