चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की चंबा डिपो व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। तय रूट पर चल रही बसों को बीच रास्ते में अचानक बदल दिए जाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिना किसी पूर्व सूचना के बस बदलने के निर्देश दिए गए, जिससे यात्री सामान सहित एक बस से उतरकर दूसरी बस में चढ़ने को मजबूर हो गए।
बुधवार को चंबा से सलूणी की ओर जा रही एचआरटीसी बस को कोटी के पास अदला-बदली कर दिया गया। इसके बाद वह बस वापस चंबा लौट आई, जबकि सलूणी से आई बस में यात्रियों को भेज दिया गया। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण कई लोगों को खड़े-खड़े ही सफर करना पड़ा। इस अव्यवस्था से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
यात्री दीपक कुमार, मनोज कुमार, किरण कुमारी, संजय कुमार, आरती देवी और जानवी ठाकुर ने बताया कि पहले ही खटारा बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं और ऊपर से रोजाना बसों की अदला-बदली यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा देती है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ सामान लेकर बस बदलना बेहद मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि न तो पहले से जानकारी दी जाती है और न ही यह बताया जाता है कि किस स्थान पर बस बदली जाएगी।
यात्रियों ने मांग की है कि इस तरह की मनमानी पर रोक लगाई जाए और परिवहन व्यवस्था को सुचारु व सुरक्षित बनाया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
इस संबंध में एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि कई बार बसों में सवारियां कम होने के कारण यात्रियों को दूसरी बस में भेजा जाता है।