चंबा। दिन : बुधवार, समय पूर्वाह्न 11 से दोपहर 12 बजे, स्थान : पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में सुविधाओं के दम तोड़ने से मरीजों का दर्द बढ़ता जा रहा है। बुधवार को पूर्वाह्न 11:15 बजे जब संवाददाता मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो देखा कि हड्डी और अन्य रोग से पीड़ित मरीजों को जैसे ही डॉक्टर ने एक्सरे करवाने की सलाह दी तो वे सरकारी लैब में पहुंचे, लेकिन वहां मशीन खराब होने की बात सुनकर उनका मर्ज और बढ़ गया।
उन्होंने प्रशासन को कोसते हुए कहा कि अब निजी लैब में एक्सरे करवाने के लिए 200 से 500 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। वहां कर्मचारी से पूछा गया तो पता चला कि दो दिन से एक्सरे मशीन खराब है। पूर्वाह्न 11:30 पर जब संवाददाता आपातकालीन कक्ष में गया तो वहां पर डिजिटल एक्सरे रूम का दरवाजा बंद था। बाहर तैनात स्टाफ से बात की गई तो उन्हाेंने कहा कि यहां एक्सरे फिल्म खत्म हो चुकी है। केवल गंभीर मरीजों के एक्सरे ही मौजूदा समय में किए जा रहे हैं।
जब संवाददाता पूर्वाह्न 11:40 बजे मेडिकल कॉलेज के बाहर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के पास पहुंचा तो वहां पर सुरेंद्र निवासी तीसा से मुलाकात हुई, उनका कहना है कि वह अपनी पत्नी की टांग का एक्सरे करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज में गए, लेकिन वहां पर उन्हें मना कर दिया गया। इसके चलते उन्हें निजी सेंटर में जाकर पैसे देकर एक्सरे करवाना पड़ रहा है।
इतने में साहो निवासी कमलेश कुमार वहां पहुंचे उनके पिता की बाजू का एक्सरे होना था, जब उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से उनके पिता की बाजू में काफी दर्द है, डॉक्टर से जांच करवाने पर एक्सरे के लिए कहा है। सरकारी लैब में उनका एक्सरे नहीं किया गया, इसलिए उन्हें निजी सेंटर का रुख करना पड़ा।
दोपहर 12 बजे जब संवाददाता वापस मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो वहां पर परस राम मिले, जिन्होंने बताया कि उनकी पीठ में काफी दर्द है और डॉक्टर ने एक्सरे करवाने को कहा है, लेकिन उन्हें निजी सेंटर में जाकर अब पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
उधर, इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल से बात की गई तो बताया कि मशीन को ठीक करने के लिए विशेषज्ञ बुलाया गया है और डिजिटल एक्सरे के लिए फिल्म की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, सेवा कब तक पूरी तरह बहाल होगी, इस पर स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई।
सरकारी एक्सरे प्रणाली बाधित होना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। जल्द मरीजों को राहत दी जाए। डिंपल कुमार स्थानीय निवासी
एक तरफ अधिकारी अस्पताल का निरीक्षण कर रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हें मशीन की खराबी का ही पता नहीं है। मनोज कुमार स्थानीय निवासी
सरकार और प्रशासन को शीघ्र एक्सरे शुरू करवाने चाहिए, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। हरीश कुमार स्थानीय निवासी
सरकारी में मरीजों के एक्सरे मुफ्त होते हैं, जबकि निजी में उन्हें पैसे देने पड़ रहे हैं। हितेश कुमार स्थानीय निवासी
1000 के करीब ओपीडी
मेडिकल कॉलेज में जिलेभर से 1000 के करीब मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। अनुमानित प्रतिदिन 100 से अधिक एक्सरे किए जाते हैं। ऐसे में सेवा बाधित होने से बड़ी संख्या में मरीज प्रभावित हो रहे हैं, विशेषकर वे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।