चंबा। पवित्र डल झील पहुंचने के बाद भी हरियाणा के मनमोहन लाल स्नान करने की अपनी इच्छा पूरी नहीं कर सके। मंगलवार को सुबह उनका डल झील में स्नान करने का प्लान था लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी वह सुबह कभी नहीं होगी। डल झील में पवित्र स्नान करने की उनकी आखिरी इच्छा अधूरी रह गई। दोस्त की मौत के कारण चारों दोस्तों ने भी डल झील में आस्था की डुबकी नहीं लगाई। पांचों ने एक साथ डल झील में स्नान करने की योजना बनाई थी,लेकिन उन्हें क्या पता था कि एक दोस्त स्नान से पहले हमेशा के लिए बिछड़ जाएगा।
उस दोस्त को स्टंट पड़े थे, इसलिए पांचों दोस्तों ने पैदल यात्रा करने की बजाय हेलिकाॅप्टर से सुखद यात्रा करने की योजना बनाई। भरमौर से आठ मिनट में पांचों गौरीकुंड भी पहुंच गए। यहां पर दर्शन करने के बाद उन्होंने डल झील के लिए पैदल यात्रा शुरू की। रात होने तक पांचों वहां पहुंच गए। उन्होंने निर्णय लिया कि वे रात को डल झील में स्नान नहीं करेंगे, बल्कि मंगलवार को पूजा अर्चना करके वहां आस्था की डुबकी लगाएंगे। उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई।