चुवाड़ी (चंबा)। दिन शुक्रवार, समय : सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे। स्थान : सिविल अस्पताल चुवाड़ी। रायपुर से 20 किलोमीटर का जैसे-तैसे सफर तय कर अस्पताल पहुंची 65 वर्षीय आशा देवी घुटने के दर्द से पीड़ित है। अस्पताल में पहुंचते ही उन्हें पता चला आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर की बर्खास्तगी के मामले को लेकर चिकित्सक हड़ताल पर हैं। ओपीडी का बंद उनके दर्द को और बढ़ा गया।
इसी दौरान 62 वर्षीय माया देवी पहुंची जो वायरल से पीड़ित है। उन्होंने अपने टेस्ट की रिपोर्ट दिखनी थी, लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। 60 वर्षीय सोमा देवी भी अस्पताल में परिसर में खड़ी हैं, संवाददाता ने आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि शरीर में दर्द है और वीरवार को टेस्ट की रिपोर्ट चेक नहीं करवा पाई थी, शुक्रवार को आईं हूं तो रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं हैं। काफी देर तक अस्पताल में इंतजार करने के बाद आखिरकार उन्हें निराश होकर ही घर को लौटना पड़ा। पूर्वाह्न 11 बजे सदी-जुकाम और बुखार से पीड़ित 34 वर्षीय सुमित्रा देवी पहुंची। उन्होंने बताया कि वह 10 किलोमीटर दूर कैंथली से आईं हैं, लेकिन उपचार की सहूलियत न मिलने पर उन्हें भी निराशा ही हाथ लगी।
इसके बाद होबार निवाासी 69 वर्षीय देसराज चेकअप करवाने के लिए 17 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल पहुंचे, लेकिन ओपीडी बंद होने पर उन्होंने माथा पकड़ लिया। दोपहर 12:30 बजे तक चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए भटियात के विभिन्न क्षेत्रों होने से पहुंचने वाले मरीजों को हड़ताल की सूचना न होने से मायूस लौटना पड़ा।
हालांकि इस दौरान आपातकालीन कक्ष में पहुंचने वाले बीमार लोगों का चिकित्सक उपचार करते नजर आए। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज का कहना है यह स्ट्राइक एक दिन की है। आपातकालीन कक्ष में मरीजों का चेकअप किया जा रहा है।
20 किलोमीटर दूर से चेकअप करवा कर दवाइयां लेने के लिए अस्पताल जैसे-तैसे पहुंची हूं। पर्ची हाथ में लेकर दो घंटे इंतजार करने के बाद पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। लिहाजा वापस लौटना पड़ रहा है। आशा देवी, मरीज
चिकित्सक जन सेवा के लिए होते है, उनकी मांग जायज है, लेकिन चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने का खामियाजा अस्पताल में उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगाें को उठाना पड़ा। संजीव पठानिया, स्थानीय निवासी
मौसम की मार से सदी-जुकाम, खांसी से पीड़ित हूं। रिपोर्ट दिखा कर दवाइयां लेने की उम्मीद लिए अस्पताल पहुंची, लेकिन चिकित्सक न मिलने से निराश हो वापस लौटना पड़ा। माया देवी, बुजुर्ग।
चुवाड़ी अस्पताल में जांच न होने की वजह से बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ रहा है। चिकित्सक मिल जाते तो उन्हें बेवजह भागदौड़ नहीं करनी पड़ती। मनख राम, मरीज
सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर हड़ताल का असर
चंबा। जिले के सिविल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सक शिमला प्रकरण के कारण हड़ताल पर रहे। चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाएं औंधे मुंह गिरती नजर आईं। सीएचसी चूड़ी में पर्ची कक्ष के बाहर आज पर्ची नहीं बनेगी का बोर्ड लगाकर मरीजों को सूचित किया गया। कुल मिलाकर स्वास्थ्य संस्थानाें मेंं शुक्रवार को पहुंचने वाले मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। केवल आपातकालीन कक्ष में ही सेवाएं जारी रहीं।