गोताखोरों के पास ऑक्सीजन सिलिंडर चलाने के लिए डीजी सेट तक नहीं है उपलब्धता
नितिन पॉल
बनीखेत (चंबा)। चमेरा जलाश्य में किहार क्षेत्र के डांड निवासी 21 वर्षीय तौफीक के रहस्यमयी ढंग से लापता होने के मामले ने एनएचपीसी प्रबंधन की पोल खोल दी है।
इस दौरान यह बात सामने आई कि करोड़ों की सालाना आमदनी करने वाली एनएचपीसी प्रबंधन के पास अपने गोताखोरों को ऑक्सीजन सिलिंडर देने के साथ एक डीजी सेट तक नहीं हैं। गुस्साए परिजनों को प्रबंधन के अधिकारी कुछ देर में डीजी सेट आने का आश्वासन देते रहे लेकिन काफी देर बाद भी गोताखोर नहीं पहुंचे तो उनके सब्र का बांध टूट गया। पंचायत प्रधान अख्तर मांगरा ने प्रबंधन के अधिकारियों से उनकी कमी छिपाने और सर्च ऑपरेशन में देरी की बात पूछी। डीजी सेट उपलब्ध होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने एनएचपीसी प्रबंधन को खिलाफ नारेबाजी कर दी। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि लापता युवक की तलाश करने के मामले में लापरवाही बरती जा रही है। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और परिजनों को सांत्वना देकर युवक की तलाश के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही। अब रविवार सुबह आठ बजे चमेरा जलाशय में लापता युवक को तलाशने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
परिजनों में लापता युवक के भाई ने शहजाद, पंचायत प्रधान अख्तर मांगरा ने बताया कि जिला के प्राकृतिक संसाधन का दोहन कर करोड़ों की आय अर्जित कर रहे एनएचपीसी प्रबंधन के पास गोताखोरों के लिए डीजी सेट और मार्ग पर पैरापिट तक नहीं लगवाए जा सके हैं। उधर, एसडीएम अनिल भारद्वाज ने कहा कि एनएचपीसी प्रबंधन से इस लापरवाही को लेकर जवाबतलब किया जाएगा।