चंबा में चूड़ी के पास क्षतिग्रस्त सड़क।संवाद
सुबह की रफ्तार में दौड़ती जिंदगी को चूड़ी के पास ऐसा झटका लगा कि सड़क ही जमीन से फिसलकर रावी नदी में गुम हो गई। कुछ ही मिनटों में हाईवे पर वाहनों के पहिये थम गए। वाहनों में सफर करने वाले लोग पैदल ही अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचने के लिए भागने लगे। करोड़ों रुपये की लागत वाली सड़क ने एक पल में बता दिया कि कागजों का विकास जमीन पर कितना टिकाऊ है। यहां सिर्फ डामर नहीं टूटा, बल्कि सिस्टम की पकड़ भी ढहती नजर आई।
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चूड़ी के पास धंसने से रावी नदी में समाई सड़क, लोगाें-यात्रियों को झेलनी पड़ीं दिक्कतें
जल्दी पहुंचने के लिए पैदल ही लगाई लोगों ने दौड़, वाहनों की अदला-बदली कर पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
धरवाला (चंबा)। दिन : वीरवार, समय : सुबह 9 बजे, स्थान : पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग। चूड़ी के पास अचानक सड़क धंसकर रावी नदी में समा गई। वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहनों में सफर करने वाले लोग पैदल ही अपने गंतव्य पर समय पर पहुंचने के लिए भागने लगे। वाहनों की अदला-बदली कर राहगीरों ने आगे का सफर तय किया। भरमौर से जीप लेकर पहुंचे अशोक कुमार ने बताया कि वह सुबह सात बजे चूड़ी के पास पहुंचे। उन्होंने देखा कि सड़क धीरे-धीरे रावी नदी में धंस रही है। इसे देखकर उन्होंने गाड़ी वहीं रोक दी। पीछे से आ रहे अन्य वाहन चालकों से भी रुकने के लिए कहा। कुछ ही देर में सड़क काफी धंस गई। इसके ऊपर से वाहन गुजरना नामुमकिन हो गया। सुबह 9 बजे सड़क का बड़ा भाग रावी नदी में समा गया।
सुबह 9:15 बजे जेसीबी एनएच को बहाल करने के लिए पहुंची और पहाड़ी को काटकर वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुट गई। 10 बजे वाहनों की आवाजाही के लिए मार्ग बना दिया गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारू हुई। स्थानीय निवासी संजय कुमार ने बताया कि जहां सड़क धंसी है, वहां डंगे का निर्माण कार्य चल रहा था। कार्य में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। यही वजह रही कि अचानक सड़क रावी नदी में धंस गई। वहां से गुजर रहे सुरेश कुमार ने कहा कि एनएच प्राधिकरण की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। कटिंग के बाद उपजाऊ भूमि का कटान जारी है। समय रहते पक्का कार्य नहीं हुआ तो आने वाले समय में वाहन चलाना मुश्किल हो जाएगा। उधर, एनएचएआई के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि बंद पड़े एनएच को बहाल करवा दिया गया है।
चंबा में चूड़ी के पास क्षतिग्रस्त सड़क।संवाद