चंबा। पंचायतीराज विभाग के सबसे महत्वपूर्ण पद पर पिछले चार सालों से स्थायी अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके चलते यह पद जुगाड़ के सहारे चलाया जा रहा है।
वर्तमान में भी जिला पंचायत अधिकारी का पद खाली है। सरकार ने काम चलाने के लिए लोकसभा चुनाव से पहले खंड विकास अधिकारी भटियात को अतिरिक्त कार्यभार दिया है। अपने खंड के कार्याें के साथ जिला पंचायती राज विभाग की भी व्यवस्था यह अधिकारी देख रहा है। स्थायी अधिकारी न होने से पंचायतों में होने वाले नियमित निरीक्षण से लेकर विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है।
जिला चंबा में वर्ष 2018 में हरबंस लाल को जिला पंचायत अधिकारी के पद पर स्थायी तैनाती मिली थी। वह एक जनवरी 2020 को सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद रमेश चंद कपूर को 15 जनवरी 2020 को जिला पंचायत अधिकारी के पद पर स्थायी अधिकारी तैनात किया गया, मगर 31 मई 2020 को वह भी रिटायर हो गए। तब से लेकर अब तक करीब चार वर्ष का समय बीत चुका है, मगर स्थायी अधिकारी तैनात करने की जहमत सरकार नहीं कर उठा पाई है। कुछ सालों तक महेश चंद कपूर के पास यह पद रहा। अब खंड विकास अधिकारी भटियात को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। गौरतलब है कि जिले में 309 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें विकास से लेकर विभिन्न कार्याें की जांच करवाने या निर्देशित करने का जिम्मा जिला पंचायत अधिकारी के पास रहता है। यह पद स्थायी रूप से भरा न होने से यह कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कुल मिलाकर जिला चंबा में पंचायत अधिकारी का पद जुगाड़ के सहारे चलाया जा रहा है।
कार्यवाहक जिला पंचायत अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि सरकार ने करीब तीन माह पहले अतिरिक्त कार्यभार दिया है। कहा कि पंचायतों में बेहतर व्यवस्था करने के लिए प्रयासरत है।