चंबा। पुराने बस अड्डे चंबा को शिमला की तर्ज परमिनी बस स्टैंड के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। शहर के कारोबारियों ने यह मांग प्रदेश सरकार और सदर विधाक नीरज नैयर के समक्ष उठाई है।
कारोबारियों का कहना है कि 10 साल पहले सपड़ी में ही बस अड्डा हुआ करता था। सरकार ने कसाकड़ा में बस अड्डा स्थानांतरित कर दिया। इससे कारोबारियों के कारोबार में असर पड़ा है। काफी सालों से वे पुराने बस अड्डे को मिनी बस अड्डे के रूप में विकसित करने की मांग उठा रहे है। मगर अभी तक कोई पहल नहीं हो पाई है। मिनी बस अड्डे का दर्जा मिलने के बाद लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी, साथ ही कारोबार भी पहले की तरह रफ्तार पकड़ेगा।
वर्तमान में शहर में लोगों की आवाजाही काफी परेशानी भरी है। नियमित तौर पर गाड़ी न मिलने के कारण लोग जिला मुख्यालय का काफी कम रुख कर रहे हैं। इससे कारोबार पर असर पड़ रहा है। अशोक कुमार, कारोबारी
10 साल पहले सरकार की ओर से बस स्टैंड कसाकड़ा स्थानांतरित किया है। अभी तक पुराने बस अड्डे की सुध नहीं ली है। मिनी बस अड्डा बनने से लोगों की आवाजाही सुगम होगी। राजन महाजन, कारोबारी
प्रदेश सरकार की ओर से शिमला में मिनी बस अड्डा बनाया है। अगर सरकार चंबा में भी मिनी बस अड्डा बनाती है तो इससे कारोबारियों समेत लोगों को राहत मिलेगी। विकल्प चौहान, कारोबारी
वर्तमान में जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मिनी बस अड्डा बनने से लोगों की आवाजाही काफी सुगम हो जाएगी। आरिफ मलिक, कारोबारी
यह मामला ध्यान में है। कारोबारियों ने भी उन्हें इस बारे में अवगत करवाया है। जल्द ही इस बारे में उचित कदम उठाए जाएंंगे। नीरज नैयर, सदर विधायक