चंबा। ग्रज्जन में दरकती पहाड़ी के बीच काम करना जलशक्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए चुनौती बना हुआ है। जैसे ही विभागीय कर्मचारी काम करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं तो अचानक पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों को देखकर उन्हें अपनी जान बचाने के लिए काम छोड़कर भागना पड़ रहा है। ऐसे में मुख्य पेयजल लाइनों की मरम्मत का काम करना कर्मचारियों के लिए टेड़ी खीर साबित हो रहा है। वहीं चार दिन से शहर के कई मोहल्लों में पेयजल की आपूर्ति बंद होने से शहरवासी विभागीय कार्यप्रणाली को कोस रहे हैं। रोजाना शहरवासियों को अपने खाली बर्तनों के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों का रुख करना पड़ रहा है। कई शहरवासी गाड़ियों के जरिये तो कई पैदल ही पानी के बर्तनों को घरों तक लाने के लिए मजबूर हैं। पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल न होने से आगामी समय में लोगों की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। खैर, विभागीय कर्मचारी भी जी-जान से पेयजल की टूटी लाइनों की मरम्मत करने में जुटे हैं।
चार दिन पहले शहर के लिए गुल्यानी मुख्य स्रोत से बिछाई गई पेयजल की आठ और दस इंच की पेयजल लाइनें पहाड़ी से गिरीं चट्टानों की जद में आने से लीक हो गईं। तो कई जगह पर पत्थरों के कारण पेयजल लाइनें टूट गईं जिससे शहर के कुछ मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम ने रैकी कर पेयजल की टूटी लाइनों का पता लगाया। पहाड़ी से गिरीं चट्टानों को देखकर विभागीय कर्मी भी चकित रह गए। इस दौरान विभागीय अधिशासी अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। टीमों ने टूटी पेयजल लाइनों को अपने स्तर पर ठीक करने का प्रयास किया लेकिन पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों के कारण कार्य करने में दिक्कतें पेश आईं। जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राजिंद्र सिंह ने खबर की पुष्टि की है। बताया कि पहाड़ी के दरकने से कर्मचारी काम नहीं कर पा रहे हैं। अचानक गिर रहे पत्थरों के चलते काम करने में मुश्किल हो रही है। कहा कि उनका लक्ष्य जल्द पेयजल लाइनों की मरम्मत करना है।