चुराह उपमंडल के भड़सर मिडिल स्कूल में चार साल के बाद भी नहीं लगा बिजली मीटर
ऑनलाइन कार्य निपटाने के लिए शिक्षकों को स्कूल से बाहर गांव में रखना पड़ रहा कंप्यूटर
बरसात और सर्दियों में स्कूल के कमरों में पसर जाता है अंधेरा, पढ़ाई भी हो जाती है ठप
परवेज खान
चुराह (चंबा)। सरकारी योजनाएं जहां स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा का दावा करती हैं, वहीं भड़सर मिडिल स्कूल की हकीकत अब भी अंधेरे में कैद है।
बिजली न होने से स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों को ऑनलाइन कार्य पूरा करने के लिए कंप्यूटर स्कूल से बाहर ले जाना पड़ रहा है। स्कूल में अभी तक बिजली का मीटर ही नहीं लग पाया है।
पढ़ाई तो जैसे-तैसे करवाई जा रही है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि स्कूल स्टाफ को ऑनलाइन कार्य करने के लिए कंप्यूटर स्कूल के बाहर गांव में रखना पड़ रहा है। बिजली मीटर लगवाने की कवायद वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। चार साल बाद भी स्कूल में उजाला नहीं हो पाया है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या करीब साठ है। वे बारिश और सर्दियों में बिना बिजली पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल प्रबंधन इस बारे में कई बार बिजली बोर्ड और शिक्षा विभाग को अवगत करवा चुका है मगर अभी तक सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस बात को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों में रोष है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार बेहतर शिक्षा देने की बात तो कर रही है मगर कई स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में बच्चों का भविष्य अधर की ओर अग्रसर है। स्कूल का काम ऑनलाइन होने के चलते गांव में कंप्यूटर रखना पड़ रहा है। ऐसे में स्टाफ को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष क्यूम खान ने कहा कि हाल में वे स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बने हैं। स्कूल प्रशासन की ओर से यह मामला ध्यान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिजली मीटर के लिए अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।
बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता अमीर चंद ने कहा कि बिजली लाइन स्कूल तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिजली मीटर लगवा दिया जाएगा।