सलूणी (चंबा)। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सलूणी और किहार अस्पतालों में स्टाफ की कमी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। डलहौजी विधायक डीएस ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान बताया कि दोनों अस्पतालों में कुल आठ-आठ स्वीकृत पदों में से मात्र तीन-तीन डॉक्टर और नर्स सेवाएं दे रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
20 पंचायतों की सैकड़ों आबादी परेशानी झेल रही है। उन्होंने कहा कि स्टाफ अभाव के चलते सलूणी अस्पताल में रात की सेवाएं तक बंद हैं, जिससे मरीजों को मजबूरी में लंबी दूरी तयकर अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने जल्द ही सलूणी और किहार अस्पताल में स्टाफ की तैनाती करने का आश्वासन दिया।
वहीं, विधायक ने बताया कि क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं एफआरए क्लीरेंस न मिलने के कारण वर्षों से लंबित पड़ी हैं। इससे विकास कार्य ठप हो रहे हैं और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए शीघ्र स्वीकृति की मांग उठाई।
इसके साथ ही, भारी बारिश के कारण प्रभावित करीब 500 लोगों को अब तक सात लाख रुपये प्रति परिवार के मुआवजे की राशि नहीं मिल पाई है। साथ ही महाविद्यालय सलूणी में साइंस कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई है। इससे विद्यार्थी दूसरे कॉलेजों का रुख करने को विवश हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आश्वासन दिया कि सलूणी कॉलेज में साइंस संकाय की कक्षाएं आगामी नए सत्र से आरंभ कर दी जाएंगी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी और बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।