चंबा। जिले में अति कुपोषित बच्चों के ग्राफ में कमी दर्ज की गई है। साथ ही कम कुपोषित बच्चों का आंकड़ा भी कम होने लगा है, जो जिले के लिए राहत की खबर है। प्रशासन और महिला विकास विभाग के प्रयास सार्थक साबित होने लगे हैं। हर माह विभाग मॉनीटरिंग कर रहा है और इसी के जरिये अब जिले में कुपोषण के मामलों में कमी आने लगी है।
जानकारी के अनुसार पिछले तीन माह में कुपोषित बच्चों का आंकड़ा कम हुआ है। तीन माह पहले अति कुपोषित श्रेणी में बच्चों की संख्या 85 थी जबकि, अब यह घटकर 57 रह गई है। 18 बच्चे अति कुपोषित से पोषित की श्रेणी में आ गए हैं। इसके अलावा जिले में कम कुपोषित बच्चों का आंकड़ा भी कम हुआ है। तीन माह पहले यह संख्या 376 थी, जो अब 335 पहुंच गई है। विभाग की ओर से शेष अति कुपोषित बच्चों की मॉनीटरिंग की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सीय परामर्श भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल में स्थित पोषाहार पुनर्वास केंद्र में भी बच्चों की जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद चिकित्सीय परामर्श के अनुसार बच्चों को डाइट उपलब्ध करवाई जा रही है।
गौरतलब है कि जिले में कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए हर माह सर्वे किया जाता है। प्रशासन और विभाग के प्रयासों से जिले में यह आंकड़ा बढ़ने के बजाय अब घटने लगा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बालकृष्ण शर्मा का कहना है कि जिले में अति और कम कुपोषित बच्चों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। कहा कि विभाग की ओर से बच्चों की पूरी निगरानी की जा रही है। साथ ही फील्ड स्टाफ भी अभिभावकों को समय-समय पर जागरूक कर रहा है।