भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर के कुगति में स्थित ऐतिहासिक कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट शुक्रवार सुबह 134 दिन बाद खोले गए। कपाट खोलने से पहले मंदिर के बाहर पुजारियों ने हवन यज्ञ किया। इसके उपरांत कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही सबसे पहले मंदिर में पुजारियों ने प्रवेश किया। उन्होंने गर्भ गृह में जाकर सबसे पहले कार्तिक स्वामी की मूर्ति को स्नान करवाया।
इसके उपरांत मूर्ति को नए वस्त्र पहनाए गए। इस प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत मंदिर में आम श्रद्धालुओं ने प्रवेश किया। अब जनजातीय क्षेत्र भरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में भी श्रद्धालु माथा टेकने के लिए प्रस्थान करेंगे। ऐसी मान्यता है कि जब तक कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट नहीं खुलते तब तक ऊपरी क्षेत्रों में स्थापित प्रसिद्ध मंदिरों में भी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए नहीं जाते हैं। इस दौरान विधायक डॉक्टर जनकराज विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने वीरवार को ही भरमौर से कुगति के लिए प्रस्थान किया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उन्होंने प्रशासन को जो निर्देश दिए थे उसके मुताबिक प्रशासन ने व्यवस्था की है या नहीं। इसको लेकर भी उन्होंने एक दिन पहले कुगति में जाकर जायजा लिया। वीरवार रात को कुगति में जागरण का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में प्रदेश भर के श्रद्धालु मौजूद रहे। शुक्रवार सुबह मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालु कार्तिक स्वामी के मंदिर में पहुंच गए थे। मंदिर के पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि 134 दिनों के बाद कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट खोले गए हैं। ऐसे में यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालु देश के विभिन्न इलाकों से पहुंचते हैं। विदेशी भक्त भी मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।