लोगों की सुविधा के लिए अल्ट्रासाउंड की करवाई थी छह माह की फेलोशिप
नई मशीन को लेकर प्रशासन और एनएचपीसी के बीच हो चुका है एमओयू
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में अल्ट्रासाउंड मशीन लगने से पहले ही संबंधित डॉक्टर का तबादला सरकार ने दूसरी जगह कर दिया है।
डॉक्टर को पिछले साल अल्ट्रासाउंड करने की छह माह की फेलोशिप करवाई गई थी ताकि वह चूड़ी में मरीजों के अल्ट्रासाउंड कर सकें। नई मशीन लगाने के लिए एनएचपीसी और जिला प्रशासन के बीच में एमओयू भी साइन हो चुका है। 32 लाख रुपये की लागत वाली आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन एनएचपीसी कभी भी यहां स्थापित कर सकती है लेकिन मशीन लगने के बाद भी मरीजों को उसकी सुविधा नहीं मिल पाएगी। अल्ट्रासाउंड करने के लिए सीएचसी में न तो रेडियोलॉजिस्ट है और जो डॉक्टर इसमें सक्षम थीं, उनका तबादला भी तीसा अस्पताल में कर दिया गया है।
सुरेश कुमार, चमन सिंह, योगराज, केवल, प्यार सिंह, हंसराज, जोगिंद्र, कमलेश और भानू प्रताप ने बताया कि एक दर्जन पंचायतों के लोग लंबे समय से अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की मांग कर रहे थे। अब उनकी मांग पूरी होने वाली है तो सरकार इसमें भी विघ्न डाल रही है। भरमौर विधानसभा क्षेत्र के किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं होते हैं। यदि चूड़ी में यह सुविधा शुरू होगी तो इमरजेंसी में भरमौर क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्हें 65 किलोमीटर चंबा की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। रही बात रेडियोलॉजिस्ट की तो उसके बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। जल्द सरकार इसकी व्यवस्था कर सकती है।
विधायक डॉ. जनकराज ने बताया कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार में यही उम्मीद की जा सकती है। जहां लोगों को कोई सुविधा मिलने लगती है तो सरकार उसमें कोई न कोई अड़ंगा डाल देती है। इस बाबत जल्द स्वास्थ्य मंत्री से बात की जाएगी।