पांगी (चंबा)। पांगी की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। शुक्रवार को आयुर्वेदिक अस्पताल मिंधल में टीबी जांच शिविर का आयोजन किया, लेकिन शिविर के दौरान बिजली गुल रहने के कारण डॉक्टरों की टीम को मरीजों का चेकअप और एक्सरे टॉर्च व मोबाइल की रोशनी में करना पड़ा।
करीब 70 मरीजों की जांच अंधेरे में हुई। क्षय रोग मुक्त हिमाचल अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में बिजली व्यवस्था ने पूरे प्रबंधों की पोल खोल दी। बिजली बोर्ड के मुताबिक शुक्रवार को बिजली कट निर्धारित था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर की कोई जानकारी नहीं दी गई। इस कारण अवव्यवस्था बनी।
स्थानीय निवासी जानकी देवी, चैन सिंह, लीला कुमारी, धनदेई, इंद्र सिंह, अमित कुमार, पान देई, खेम सिंह, गुड्डी देवी और महात्म सिंह ने कहा कि पांगी में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। बिजली आपूर्ति लगातार बाधित रहने से ग्रामीणों और मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस अव्यवस्था को लेकर लोगों ने साफ कहा कि स्वास्थ्य और विद्युत विभाग के बीच तालमेल की भारी कमी है। यदि पहले से सूचना साझा की जाती तो शिविर में बिजली बहाल हो सकती थी, लेकिन लापरवाही का नतीजा यह निकला कि मरीजों का स्वास्थ्य चेकअप अंधेरे में औपचारिकता बनकर रह गया।
बोर्ड ने जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग पर डाली
विद्युत बोर्ड पांगी मंडल के अधिशासी अभियंता सुनील चंदेल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें शिविर की जानकारी नहीं दी गई थी। यदि सूचना दी जाती तो उस दिन बिजली कट नहीं लगाया जाता।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य सेवाएं
ग्रामीणों का कहना है कि पांगी जैसी दुर्गम घाटी में स्वास्थ्य सेवाएं पहले ही सीमित हैं। ऊपर से ऐसी लापरवाहियां मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती हैं। उन्होंने मांग की कि आगामी स्वास्थ्य शिविरों में विशेष व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसे हालात दोबारा पैदा न हों।