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Chamba News: नए रोस्टर से खिसका दावा, वार्ड बदलने से चुनावी गणित भी बिगड़ा

Thu, 26 Mar 2026 10:18 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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नगर परिषद चंबा के जारी नए रोस्टर से कई दावेदारों की उम्मीदों पर पानी
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सुल्तानपुर वार्ड को एससी महिला से एसटी महिला के लिए किया आरक्षित

कसाकड़ा वार्ड ओपन से एसटी पुरुष आरक्षित, चौंतड़ा वार्ड रहेगा ओपन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नगर परिषद चंबा के लिए जारी नए रोस्टर ने चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे कई दावेदारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
वार्डों में आरक्षण के व्यापक फेरबदल ने उन चेहरों के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बिगाड़ दिए हैं जो लंबे समय से अपनी पक्की सीट मानकर रणनीति बना रहे थे। खासकर सुल्तानपुर और कसाकड़ा जैसे अहम वार्डों में श्रेणी बदलने से अब कई संभावित उम्मीदवार नई परिस्थितियों में चुनावी राह तलाशने को मजबूर हो गए हैं।
नगर परिषद के तहत 11 वार्डों के लिए जारी रोस्टर में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सुल्तानपुर वार्ड पहले अनुसूचित जाति (एससी) महिला के लिए आरक्षित था, अब अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। कसाकड़ा वार्ड को ओपन श्रेणी से बदलकर एसटी पुरुष के लिए आरक्षित किया गया है। इन बदलावों ने कई ऐसे दावेदारों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं जो इन वार्डों से चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में थे।
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इसी तरह अन्य वार्डों में भी आरक्षण की स्थिति में बदलाव किया गया है। चौंतड़ा वार्ड को पहले की तरह ओपन रखा गया है जबकि सुराड़ा वार्ड को एसटी ओपन से बदलकर महिला ओपन किया गया है। सपड़ी वार्ड पहले महिला ओपन था, अब ओपन श्रेणी में आ गया है। चौगान वार्ड को ओपन से महिला ओपन किया गया है।
शहर के बड़े वार्डों में शामिल हरदासपुरा वार्ड को एससी ओपन से बदलकर महिला ओपन किया गया है। हटनाला वार्ड को ओपन से एसटी पुरुष के लिए आरक्षित किया गया है। जुलाहकड़ी वार्ड को ओपन से एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। धड़ोग वार्ड को एससी ओपन से बदलकर अब ओपन श्रेणी में रखा गया है।
आरक्षण में हुए इस फेरबदल के बाद अब कई संभावित उम्मीदवार अपने-अपने वार्डों में चुनाव लड़ने के लिए नए विकल्प तलाशने में जुट गए हैं। अंदरखाते स्तर पर समीकरण साधने और नए तरीके अपनाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं ताकि किसी तरह चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी कायम रखी जा सके। कुल मिलाकर रोस्टर ने कई दावेदारों के हाथों से संभावित जीत की जमीन खिसका दी है और नगर परिषद चुनाव से पहले ही सियासी हलचल तेज कर दी है।
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उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने स्पष्ट किया कि वार्डों का आरक्षण पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के लिए यह प्रक्रिया सामाजिक संतुलन, कानूनी प्रावधानों और रोटेशन प्रणाली को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।
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