60 साल पुराना था पुल टूटा, ग्रामीणों ने प्रशासन से की जल्द पुल बनाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। चंबा जिले के मरेडी साल नाले पर बना पुल वर्ष 1965 में पंचायत की ओर से बनाय गया था। शुरू में यह पुल लकड़ी और तारों से बना था। वर्ष 1995 में पुरानी लकड़ी हटाकर लोहे के एंगल और चादरों से अस्थायी तौर पर पुल को मजबूती दी गई। बीते वर्षों में हुई भारी बारिश के कारण पुल के सहारे टूट गए और यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तब से अब तक पुल का कोई स्थायी निर्माण नहीं हुआ। इसके कारण चार पंचायत बाट, कुम्हारका, सराहण और उटीप का संपर्क बाधित हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रोज़ाना नाला पार करने के लिए जोखिम भरे और लंबी दूरी वाले रास्ते अपनाने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों में रमेश शर्मा, रविंद्र कुमार, जयदेव, चैन लाल, दीक्षा शर्मा ने बताया कि यह केवल आवागमन की सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि जन सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है। यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा होने की संभावना बनी रहती है। जल शक्ति विभाग और प्रशासन से आग्रह किया है कि मरेडी साल नाले पर तुरंत एक स्थायी और सुरक्षित पुल का निर्माण किया जाए, ताकि बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करे, ताकि चार पंचायतों के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी सुरक्षित और आसान हो सके।