चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। जिले की लाखों की आबादी मेडिकल कॉलेज चंबा पर ही निर्भर करती है।
हालत यह है कि जिले के सबसे बड़े अस्पताल में एमआरआई तक नहीं हो रहे हैं। जब किसी मरीज को मेडिकल कॉलेज लाया जाता है तो उसे सीधा टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। वहां भी लंबी तारीख ही मिलती है। निर्धन परिवार से संबंध रखने वाले मरीज पैसों का जुगाड़ कर निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में एमआरआई करवा रहे हैं या सरकारी अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मेडिकल कॉलेज में पिछले तीन महीने से एमआरआई की सुविधा बंद है। मुफ्त होने वाले एमआरआई करवाने के लिए निजी सेंटरों में मरीजों को दो से तीन हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। टांडा में सरकारी दर पर एमआरआई करवाने के लिए चार से पांच हजार रुपये टैक्सी का किराया चुकाना पड़ रहा है।
हंसराज, केवल कुमार, जितेंद्र, रवि कुमार, प्यार सिंह, योगराज, मनीष और सूरज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एमआरआई बंद होने से जिले की पौने छह लाख आबादी प्रभावित हो रही है। मेडिकल कॉलेज में 20 करोड़ से एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें खरीदी गई हैं। इनका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। भाजपा और कांग्रेस नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधकर बैठे हैं।
उधर, प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकार से रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। रेडियोलॉजिस्ट आते ही एमआरआई शुरू करवा दिए जाएंगे।
पूर्व भाजपा विधायक पवन नैय्यर ने कहा कि कांग्रेस सरकार चंबा के लोगों के साथ धोखा कर रही है। उनके कार्यकाल में बीस करोड़ से ये मशीनें खरीदी गई थीं। मौजूदा सरकार इन मशीनों को चलाने में असमर्थ है।
कांग्रेस विधायक नीरज नैय्यर ने कहा कि चंबा में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। जल्द मेडिकल कॉलेज में एमआरआई सेवा शुरू करवाई जाएगी।