चंबा के ऐतिहासिक चौगान में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन
भव्य शोभायात्रा में उमड़ी भीड़, राम के बाण से हुआ रावण का अंत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ऐतिहासिक चौगान में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जले तो पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व पर हजारों लोग इस दृश्य के साक्षी बने। शहर में दिनभर मेले जैसा माहौल रहा और शाम को निकली रामलीला की भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
शोभायात्रा में देवी-देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बैंड-बाजे और डीजे पर गूंजते भजनों के बीच नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती शोभायात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोग जुटे रहे। इसमें सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, सदर विधायक नीरज नैयर, पूर्व विधायक पवन नैयर, डॉ. केशव वर्मा, दिनेश शर्मा, रामलीला कमेटी के प्रधान स्वप्न महाजन सहित कमेटी के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा चौगान पहुंची। यहां राम का पात्र बने कलाकार ने विशेष तीर चलाकर रावण का वध किया। तीर लगते ही रावण की छाती में आग लग गई। इसके बाद कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया गया। इस दृश्य के साथ लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश लिया।
पुतला दहन के बाद रावण के पुतले की बची लकड़ियां ले जाने के लिए भी लोगों में उत्साह दिखा। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इन अवशेषों को घर में रखने से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव नहीं पड़ता। इसी विश्वास के चलते कई लोग लकड़ियों के अवशेष अपने साथ ले गए। दशहरा उत्सव के दौरान चंबा में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
चंबा चौगान में धूं-धूं कर जलता रावण का पुतला।संवाद
चंबा चौगान में धूं-धूं कर जलता रावण का पुतला।संवाद