भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में बारिश और बर्फबारी के बाद किसानों ने खेतों में गेहूं और मटर की बिजाई शुरू कर दी है। हालांकि, भरमौर के ऊपरी इलाकों में किसानों ने इन फसलों की बिजाई पहले ही कर दी गई थी।
ऊपरी इलाकों में इन दिनों भारी बर्फबारी की उम्मीद रहती है। निचले इलाकों के किसान बारिश होने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में पिछले दो दिन तक जब भरमौर में बारिश हुई तो किसानों ने खेतों का रुख कर गेहूं की बिजाई शुरू कर दी है।
इन दिनों भरमौर के निचले इलाकों में किसान अपने खेतों में हल जोतते हुए या पावर टिल्लर के जरिये गेहूं और मटर फसल की बिजाई करते हुए नजर आ रहे हैं। किसान हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी को गेहूं और मटर की फसल के लिए संजीवनी मान रहे हैं। उनका कहना कि नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में बारिश होने से खेतों में गेहूं और मटर फसल की पैदावार अधिक होती है। ऐसे में किसान खेतों में इन फसलों की बिजाई करने से पूर्व बारिश होने का इंतजार करते हैं।
पिछले दिनों भरमौर के निचले इलाकों में जमकर बारिश हुई है। इससे खेतों में नम हो चुकी है। बारिश के बाद जैसे ही आसमान में धूप खिली तो किसानों ने अपने खेतों में फसलों की बिजाई शुरू कर दी। किसानों को पूरी उम्मीद है कि इस साल गेहूं और मटर फसल की पैदावार पिछले साल की तुलना में अधिक होगी। कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र के लोग इन दिनों गेहूं और मटर की फसल की बिजाई कर सकते हैं। हाल ही में हुई बारिश उनकी फसलों के लिए संजीवनी का कार्य करेगी।