संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला मुख्यालय के साथ लगते सुल्तानपुर में निर्माणाधीन हेलिपोर्ट इसी साल में बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं, जनजातीय क्षेत्र पांगी के किलाड़ और भरमौर में हेलिपोर्ट बनाने को लेकर भी कार्य शुरू होगा। जिले में पर्यटन को पंख लगाने को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से खास कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए बाकायदा बजट सत्र में घोषणा हुई है। बताते चलें कि सुल्तानपुर में निर्माणाधीन हेलिपोर्ट को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से टेंडर आमंत्रित करवाकर कार्य शुरू करवाया गया है। इस हेलिपोर्ट के निर्माण कार्य पर 3.20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। सदर के विधायक और विभाग ने ठेकेदार को इस कार्य को तय समय अवधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कार्य की गुणवत्ता को लेकर विभाग के अधिकारी रोजाना निर्माण कार्य की जांच करने के लिए मौके पर दस्तक दे रहे हैं। चंबा में अभी तक एक भी हेलिपोर्ट नहीं है। चंबा में हेलिपोर्ट बनने पर्यटन को पंख लगने के साथ यहां से हवाई सेवाएं आम जन मानस के लिए भी आरंभ होने की उम्मीद है। वर्तमान समय में हवाई सेवा के लिए कांगड़ा जिले का ही रुख करना पड़ता है।
हेलिपोर्ट एक निश्चित आधार संचालन है जो सीमा शुल्क, रखरखाव, ईंधन बंकरिंग और अग्निशमन सहित कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है। हेलिपैड बस एक निर्दिष्ट क्षेत्र है, जहां हेलिकाप्टर सुरक्षित रूप से उतर और उड़ान भर सकता है।
हेलिपोर्ट में फायर भवन, टर्मिनल भवन, यूटिलिटी भवन, अंडर ग्राउंड वाटर टैंक और ओवरहेड वाटर टैंक का निर्माण होगा। हेलिपोर्ट में आने वाले हेलिकाप्टर को ईंधन भरवाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी जो आने वाले समय में चंबा में हेलिटैक्सी सेवा को मजबूत करने में कारगर साबित होगी। चंबा के लोग हेलिटैक्सी सेवाएं शुरू करने को लेकर भी सरकार से लंबे समय से मांग कर रहे हैं। साथ ही मणिमहेश यात्रा के दौरान चंबा से गौरीकुंड के लिए सीधी उड़ानें हो सकती हैं।