चंबा। जिले में आई फ्लू का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में आई फ्लू से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। हाल ही में राजकीय प्राथमिक विद्यालय भरियां कोठी ओर पुखरी में चार-चार विद्यार्थी आई फ्लू संक्रमण से पीड़ित निकले हैं। इसके चलते शिक्षा विभाग की ओर से आई फ्लू से पीड़ित विद्यार्थियों को घर में रहने के स्कूल प्रभारियों को आदेश दिए गए हैं।
बरसात के सीजन में जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में इक्का-दुक्का विद्यार्थी आई फ्लू से पीड़ित मामले सामने आए। इसके बाद आई फ्लू से पीड़ित बच्चों की तादाद में बढ़़ोतरी होनी शुरू हो गई। आलम यह है कि रोजाना मेडिकल कॉलेज चंबा में 40 से लेकर 70 बच्चे आई फ्लू से पीड़ित उपचार और चिकित्सीय परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, महिलाएं-पुरूष और अन्य भी इस संक्रमण की चपेट में आए हैं। ऐसे में अब स्कूल प्रबंधन ने बच्चों में तेजी से फैलने वाले इस संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए आई फ्लू से पीड़ित बच्चे को घर पर ही रहने की सलाह दी है। साथ ही पूरी तरह से बच्चे के स्वस्थ होने पर ही उसे स्कूल भेजने का अभिभावकों को परामर्श दिया जा रहा है। आई फ्लू का यह संक्रमण एक तरह से छूआछूत की बीमारी है जो एक-दूसरे से हाथ मिलाने और पीड़ित का सामान इस्तेमाल में लाने से फैल रहा है। चिकित्सक भी आई फ्लू होने पर तुंरत चिकित्सीय राय लेकर उपचार आरंभ करने और काला चश्मा पहनने की हिदायत बच्चों के अभिभावकों को दे रहे हैं।
आई फ्लू के लक्षण
आंखों में जलन और सूजन होना आईफ्लू के मुख्य लक्षण हैं। इसके चलते समय पर विशेषज्ञ से आई फ्लू से बचने की सलाह लें। यह बीमारी विशेषकर छूने से होती है।
आई फ्लू के बचाव
आई फ्लू होने पर आंखों को हाथ न लगाएं। अपना तौलिया और साबुन अलग रखें और आंखों में चश्मा लगाकर रखें।
प्रांरभिक शिक्षा उपनिदेशक सुमन कुमार मिन्हास का कहना है कि स्कूलों में आई फ्लू संक्रमण फैल रहा है। हाल ही में पुखरी ओर भरियांकोठी में चार-चार विद्यार्थी आई फ्लू की चपेट में आए हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ शैलेंद्र मिंहास ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना 40 से 70 तक बच्चे आई फ्लू से पीड़ित पहुंच रहे हैं जिन्हें जरूरी परामर्श और दवाइयां दी जा रही हैं।