चंबा। आशा वर्कर संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ ने शनिवार को जिला मुख्याल में मांगों को लेकर जमकर हल्ला बोला। मांगे पूरी न होने के विरोध में आशा वर्करों ने शहर में रोष रैली भी निकाली। इसमें सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। रैली के बाद आशा वर्करों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा वर्करों ने मांगों संबंधित मांगपत्र उपायुक्त के जरिये प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा।
संघ की प्रदेशाध्यक्ष सुमना देवी ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश सरकार आशा वर्करों को राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए उन्हें न्यूनतम वेतन जारी करे। आशा वर्करों के प्रोत्साहन राशि में संबंधित विभाग जो कटौती कर रहा है उसे तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही संघ की 11 सूत्रीय मांगों पर निर्णय न लिया तो संघर्ष का एलान किया जाएगा।
इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी। उसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में आशा वर्कर भूमिका अदा कर रही हैं। इसके बावजूद आशा वर्करों का शोषण किया जा रहा है।
आशा वर्करों के लिए चिकित्सालयों में विश्राम स्थल की व्यवस्था की जाए। आशा कर्मियों को गंभीर बीमारी पर चिकित्सा अवकाश की सुविधा दी मिले। आशा वर्करों की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु और अपाहिज होने की स्थिति में उनके आश्रितों को दुुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख की धनराशि प्रदान की जाए। इस मौके पर बड़ी संख्या में आशा वर्कर मौजूद रहीं।