सिहुंता (चंबा)। चंबा के भटियात विधानसभा क्षेत्र के सिहुंता और समोट में लावारिस मवेशियों के बढ़ते आतंक ने किसानों के लिए खेती को मुश्किल बना दिया है। इस बार कई किसानों ने गेहूं की बिजाई भी नहीं की है, क्योंकि पिछले कई सीज़न से मवेशियों द्वारा फसलों का नुकसान होने के कारण उनका मनोबल टूट चुका है।
किसानों ने कहा कि वे रात-रात भर खेतों में जागकर इन लावारिस पशुओं से अपनी फसलें बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन फसलें फिर भी नष्ट हो जाती हैं। किसान अपनी मेहनत और पैसों की बर्बादी देखकर पूरी तरह निराश हो चुके हैं।
हमारे खेतों में पहले गेहूं और धान की भरपूर फसल होती थी, लेकिन अब लावारिस मवेशी फसलों को दिन-रात चट कर जाते हैं। मेरी करीब पांच खेतों की जमीन अब बंजर हो गई है और मुझे खेती छोड़ने की नौबत आ गई है। अशोक किसान
मुझे खेती से ही उम्मीद थी, लेकिन अब यह भी मुमकिन नहीं रहा। पिछले कई सालों से फसलें मवेशियों द्वारा नष्ट हो रही थीं। अब मेरी सारी 10 खेतें खाली पड़ी हैं। कुलभूषण, किसान
मैंने अपनी पूरी जिंदगी खेती में लगा दी, लेकिन आज मेरे दस खेत सूने पड़े हैं। लावारिस पशुओं ने फसल उगने ही नहीं दी। गेहूं और धान की बोवाई अब जोखिम बन गई है। करनैल, किसान
पहले गेहूं और धान की अच्छी पैदावार होती थी, लेकिन अब 12 खेत बेकार हो गए हैं। कई सीजन तक नुकसान झेलने के बाद इस बार बिजाई ही नहीं की। प्रशासन तुरंत कुछ करे नहीं तो खेती पूरी तरह खत्म हो जाएगी। कर्म चंद, किसान
कृषि उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हम किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे।