मणिमहेश यात्रा में 25 अगस्त से 19 सितंबर तक 9,886 श्रद्धालुओं को मिली स्वास्थ्य सुविधा
गौरीकुंड में सबसे ज्यादा 3,079 ने कराया उपचार, डल झील में 2,841 यात्रियों को मिला उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश की कठिन चढ़ाई पर श्रद्धालुओं के कदम कैलाश की ओर बढ़ते रहे और हर प्रमुख पड़ाव पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें उनका सहारा बनी रहीं।
25 अगस्त से 19 सितंबर की सुबह तक यात्रा मार्ग पर लगाए गए छह चिकित्सा शिविरों में 9,886 श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई गईं। दुर्गम रास्ते में तबीयत बिगड़ने से लेकर अन्य स्वास्थ्य परेशानियों तक, यात्रियों को रास्ते में ही चिकित्सा सुविधा मिली।
बीएमओ भरमौर डॉ. दीपेश बराल ने बताया कि डल झील, गौरीकुंड, सुंदरासी, धन्छो, हड़सर और भरमाणी में चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए थे। यहां स्वास्थ्य जांच, उपचार और जरूरत के अनुसार अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं।
आंकड़ों के अनुसार गौरीकुंड शिविर में 3,079 लोगों ने स्वास्थ्य सुविधा ली, जो सभी शिविरों में सबसे अधिक है। डल झील में 2,841, सुंदरासी में 1,259, हड़सर में 1,124, धन्छो में 910 और भरमाणी में 673 श्रद्धालुओं व अन्य लोगों को उपचार दिया गया।
चिकित्सा दलों ने यात्रा मार्ग पर आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध करवाने के साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी निपटारा किया। कठिन चढ़ाई, ऊंचाई और बदलते मौसम के बीच चिकित्सा शिविर श्रद्धालुओं के लिए राहत के पड़ाव बने रहे।
छह शिविरों के आंकड़े बताते हैं कि यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी और विभाग की टीमें पूरे यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाती रहीं।