मक्की की फसल पर ‘सैनिक’ का हमला, सतर्क रहें किसान
तेजी से फैलने वाला कीट मक्का समेत कई फसलों को करता है नष्ट
जिले के ऊपरी क्षेत्रों में मक्की की फसल को कीट पहुंचा रहा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म यानी सैनिक कीट ने हमला बोल दिया है। कृषि विभाग ने किसानों को समय रहते सतर्क रहने और उचित उपाय अपनाने की सलाह दी है। जिले के पहाड़ी और ऊपरी इलाकों में मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का हमला देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह कीट रात के समय फसल पर तेजी से हमला कर उसे नुकसान पहुंचा रहा है। कई किसानों ने कृषि विभाग को अवगत करवाया है कि उनकी मक्की की फसल की पत्तियां और बालियां कीटों ने नष्ट कर दी हैं। इससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि फॉल आर्मी वर्म की पहचान सबसे पहले अमेरिका में हुई थी। 2019 में यह हिमाचल प्रदेश में भी देखा गया। यह कीट बहुत तेजी से फैलता है और मक्की के अलावा ज्वार, बाजरा, चावल, गेहूं और सब्जियों पर भी हमला करता है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने निरीक्षण के लिए विशेषज्ञों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में भेज दी हैं। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि टीमें खेतों का दौरा कर रही हैं और जल्द कीट नियंत्रण के उपायों को अमल में लाया जाएगा।
ऐसे करें फॉल आर्मी वर्म कीट की पहचान
सिर पर वाई आकार का गहरा निशान, अंतिम शरीर खंड पर चार गहरे काले धब्बे होते हैं। यह कीट दिन में छिपा रहता है और रात में सक्रिय हो जाता है।
फसल को बचाने के उपाय
प्रभावी नियंत्रण के लिए शुरुआत से ही सतर्कता जरूरी है। प्रति एकड़ पांच फेरोमोन ट्रैप लगाएं। बुआई से पहले खेत की गहरी जुताई करें। मक्की के साथ मूंग या उड़द की इंटरक्रॉपिंग करें। कीटों को आकर्षित करने के लिए नेपियर घास लगाएं। कीट के अंडों और लार्वा को हाथों से नष्ट करें
जैविक और रासायनिक नियंत्रण
समय पर स्प्रे कर फसल को बचाएं। मेटाराइजियम की पांच ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। कोरेजन की छह मिली मात्रा को 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।