चंबा। 21 जून को होने वाली दुर्लभ खगोलीय घटना के बारे में स्कूली बच्चों व लोगों को जागरूक करने के लिए हिमाचल राज्य विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला द्वारा विशेष अभियान चलाया गया है।
स्कूली विद्यार्थियों और अध्यापकों को वेबिनार के माध्यम से इस खगोलीय घटना के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया गया है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंबा फौजा सिंह ने बताया कि पर्यावरण परिषद छठी से बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए सूर्य ग्रहण के दौरान अनुभव विषय पर 1500 शब्दों तक दो तीन पृष्ठ लेख या अधिकतम दो स्लाइडों की पार प्वाइंट प्रस्तुति प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। सूर्यग्रहण की घटना के बाद विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा करने होंगे। ई-मेल द्वारा 23 जून तक शिमला भी प्रेषित करने होंगे।
उन्होंने बताया कि चंबा में सूर्य ग्रहण सुबह 10:23 से दोपहर 1:48 मिनट तक देखा जा सकता है। अधिकतम सूर्य ग्रहण 12:03 पर होगा। नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण को देखने की कोशिश करना हानिकारक साबित हो सकता है। इसके लिए विद्यार्थी सोलर फिल्टर का प्रयोग करें। सूर्य ग्रहण को देखने के अन्य सुरक्षित तरीकों में पिन होल कैमरा, पानी या समतल दर्पण द्वारा किसी दीवार पर प्रतिबिंब बनाना है। इस बार के पूर्ण सूर्य ग्रहण का पथ घरसाना राजस्थान से शुरू होकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से गुजरेगा। उन्होंने अध्यापकों को आदेश दिए हैं कि इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।