सुबह लगाई आग दोपहर तक नहीं बुझी, उसी रास्ते से गुजरते रहे प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी
हर दूसरे दिन कूड़े के ढेर को किया जा रहा आग के हवाले, धुएं से राहगीरों को सांस लेने में हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर में खुले में कूड़ा जलाने पर पाबंदी के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पा रही है। धड़ोग के समीप सड़क किनारे सुबह कूड़े के ढेर में आग लगा दी गई।
देखते ही देखते कचरा सुलगने लगा और उससे उठने वाले धुएं के घने गुबार ने सड़क और आसपास के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। सुबह से दोपहर करीब 12 बजे तक कूड़ा सुलगता रहा। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय लोगों को धुएं के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
हैरानी की बात यह रही कि जिस सड़क के किनारे घंटों कूड़ा जलता रहा, उसी रास्ते से प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी भी गुजरते रहे। बावजूद इसके न आग बुझाने की व्यवस्था की गई और न ही कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती दिखाई दी। खुले में कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करने के साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। पाबंदी के बावजूद बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आना निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय निवासी अनिल कुमार, अभिनव कुमार, दीपक कुमार, रोहित कुमार और गोपाल महाजन ने बताया कि धड़ोग में कूड़ा जलाने की समस्या लगातार बनी हुई है। हर दूसरे दिन इसी स्थान पर कचरे में आग लगा दी जाती है। बावजूद इसके संबंधित लोगों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि धुएं के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने प्रशासन और नगर परिषद से आग लगाने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने और इस स्थान पर कूड़ा जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी ने कहा कि कूड़े में आग लगाने के संबंध में ठेकेदार से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि खुले में कूड़ा जलाते हुए कोई व्यक्ति पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
फेफड़ों और हृदय के लिए भी खतरनाक
डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि खुले में कूड़ा जलाने से जहरीली गैसें और सूक्ष्म कण हवा में फैलते हैं। प्लास्टिक, रबर और मिश्रित कचरे के जलने से निकलने वाले प्रदूषक मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं। इनके संपर्क में आने से सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और फेफड़ों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसे प्रदूषण के संपर्क में रहने से हृदय रोग और कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में व्यस्त सड़क और आबादी के समीप कूड़ा जलाना गंभीर चिंता का विषय है।