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Chamba News: चंबा चप्पल के खरीदारों की राह ताक रहे दुकानदार

Mon, 03 Nov 2025 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा चप्पल के कारीगर और विक्रेता संजीव अहीर। संवाद
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चंबा। जिले के बाजारों में चंबा चप्पल को खरीदार ही नहीं मिल पा रहे हैं। शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में दुकानदार ग्राहकों की राह ताकते ही नजर आ रहे हैं।
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चंबा चप्पल के कारीगराें और दुकानदारों को रंज है कि केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर प्रदर्शनियां लगाकर उन्हें कुछ अदद रोजगार प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, प्रदेश सरकार की ओर से इस ओर कोई भी प्रयास होते प्रतीत नहीं हो पा रहे हैं।
चंबा चप्पल को जीआई टैग तक मिल चुका है, लेकिन सही मायनों में अभी इसे बेहतर प्लेटफार्म नहीं मिल पाया। आलम यह है कि चंबा चप्पल 2016 में जिस कीमत पर बिकती थी, आज भी उसी कीमत पर बिक रही है। महिलाओं की चंबा चप्पल 300 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये और पुरुषों की चंबा चप्पल 500 रुपये से लेकर 1200 रुपये में बाजार में उपलब्ध है।
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मिंजर मेले से लेकर मणिमहेश यात्रा तक चंबा चप्पल का अच्छा कारोबार होता है। यात्रा के बाद बाजार पूरी तरह से सुनसान हो जाता है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों से ही उन्हें चंबा चप्पल बिकने की उम्मीद रहती है। इन दिनों बेकार बैठने की नौबत तक आ चुकी है। अनिल कुमार, चंबा चप्पल विक्रेता

चंबा चप्पल के लिए केंद्र सरकार प्रदर्शनियां लगवा कर स्टाल मुहैया करवा कर उत्थान का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक खास कुछ नहीं किया जा सका है। विशाल कायस्थ, चंबा चप्पल विक्रेता

सामान के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन हम 2016 के रेट के हिसाब से चंबा चप्पल बेचने के लिए मजबूर हैं। हाथों से तैयार होने वाली चंबा चप्पल के दाम अधिक होने पर ग्राहक इसे खरीदने का मन तक नहीं बना पाते हैं। संजीव अहीर, चंबा चप्पल विक्रेता

सरकार को चंबा चप्पल के कारीगरों के उत्थान के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए। इससे चंबा कारीगरों को लाभ मिल सके। मेहनत का भी पूरा मेहनताना न मिलने से कई कारीगर इस कार्य से मुख मोड़ चुके हैं। राकेश कुमार, चंबा चप्पल विक्रेता
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