5.9 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के बाद थमा काम, लोग उठा रहे सवाल
बकानी-दरभेटा सड़क दरभेटा से नीचे तक पहुंची, धारणा और दरभेटा गांव इंतजार में
एससी बस्ती और स्कूल तक सड़क न पहुंचने से पर्यटन की संभावनाओं पर भी लगा ब्रेक
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। सात करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क अगर गांव की चौखट तक न पहुंचे तो सवाल उठना लाजिमी है।
मैहला ब्लॉक में बकानी से दरभेटा तक बनाई गई सड़क 5.9 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद दरभेटा से नीचे जाकर थम गई। इसके आगे बसे धारणा और दरभेटा गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम हैं। सड़क के निर्माण का काम गांव से कुछ दूरी पहले रुकने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को घुमावदार रास्ते से नीचे तक पहुंचा दिया गया लेकिन जिन गांवों को इससे वास्तविक लाभ मिलना था, वहां तक सड़क नहीं पहुंच सकी। करीब सात करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद अंतिम छोर तक सड़क नहीं पहुंचने से निर्माण की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।
धारणा में एससी बस्ती है जबकि दरभेटा में प्राथमिक से मिडिल स्कूल तक की सुविधा है। सड़क गांव और स्कूल तक नहीं होने से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा मिलने से आवागमन आसान होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिल सकता है।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राकेश मरोल ने बताया कि दोनों गांवों के ग्रामीण सड़क के निर्माण के लिए जमीन नहीं दे रहे हैं। विभाग के नाम जमीन होते ही सड़क का काम शुरू कर दिया जाएगा।
सड़क नीचे तक आ गई है लेकिन धारणा गांव तक नहीं पहुंची। यहां एससी बस्ती के लोग रहते हैं। गांव तक सड़क पहुंचने से सबसे बड़ी सुविधा लोगों को मिलेगी। - सुरजीत कुमार, दरभेटा
दरभेटा में प्राथमिक से लेकर मिडिल स्कूल तक है। बच्चों को सड़क तक पहुंचने में दिक्कत होती है। सड़क स्कूल और गांव तक पहुंचाना जरूरी है। - रविंद्र ठाकुर, दरभेटा
5.9 किलोमीटर सड़क बनने के बावजूद दो बड़े गांव इससे अछूते हैं। ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं। सड़क नीचे तक आ चुकी है तो आगे का काम भी पूरा होना चाहिए। - मान सिंह