मणिमहेश डल झील में आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु। कठिन पहाड़ी सफर तय कर पवित्र डल झील पहुंचे श
- फोटो : मणिमहेश डल झील में आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु। कठिन पहाड़ी सफर तय कर पवित्र डल झील पहुंचे शिवभक्तों ने ठंडे जल में स्नान कर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान डल झील का क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। संवाद
हड़सर से 2650 श्रद्धालु पैदल रवाना, भरमौर से गौरीकुंड के बीच हेली टैक्सी की 56 उड़ानें
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर। श्री मणिमहेश यात्रा-2026 में रविवार को भी आस्था का कारवां कैलाश दर्शन के लिए आगे बढ़ता रहा। हड़सर, भरमौर और होली से अलग-अलग मार्गों के जरिए श्रद्धालुओं ने पवित्र मणिमहेश धाम की ओर प्रस्थान किया।
कठिन पहाड़ी सफर और ऊंचाई की परवाह किए बिना श्रद्धालुओं में कैलाश दर्शन को लेकर खासा उत्साह रहा।उपमंडल अधिकारी (नागरिक) भरमौर अजय कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को शाम छह बजे तक हड़सर से निर्धारित पैदल यात्रा मार्ग के माध्यम से करीब 2650 श्रद्धालु कैलाश दर्शन के लिए रवाना हुए। श्रद्धालु पैदल मार्ग से मणिमहेश धाम की ओर बढ़ते रहे।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेली टैक्सी सेवा भी जारी रही। रविवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए हेली टैक्सी की 56 उड़ानें हुईं। इनके माध्यम से भरमौर से गौरीकुंड के लिए 271 श्रद्धालुओं ने, जबकि गौरीकुंड से भरमौर के लिए करीब 268 श्रद्धालुओं ने हवाई सेवा का लाभ लिया।वहीं, होली से मणिमहेश वाया कलाह पैदल मार्ग से भी श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। एसडीएम के अनुसार शाम चार बजे तक इस मार्ग से 35 श्रद्धालु कैलाश दर्शन के लिए रवाना हुए। प्रशासन की ओर से यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।