बनीखेत (चंबा)। बगढ़ार क्षेत्र की सात किशोरियों को ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के टीके लगाए गए। ह्यूमन पेपिलोमा वायरस से बचाव के लिए लगाई जाने वाली एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का एक प्रभावी माध्यम मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार समय पर लगाया गया यह टीका भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शाम लाल ने बताया कि एचपीवी वायरस महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) और जननांगों में होने वाले मस्सों का प्रमुख कारण माना जाता है। ऐसे में एचपीवी वैक्सीन इस वायरस से सुरक्षा प्रदान कर महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह वैक्सीन 9 से 45 वर्ष की आयु के बीच लगाई जा सकती है। यौन गतिविधि शुरू होने से पहले इसका टीकाकरण सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है। प्रदेश सरकार की ओर से 28 फरवरी 2011 के बाद जन्मी और 14 वर्ष तक की आयु पूर्ण कर चुकी पात्र बच्चियों को यह वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। डॉ. शाम लाल ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी पात्र बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाएं। संवाद