चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में चार अक्तूबर को 25 विशेषज्ञ सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। मरीजों को इन विशेषज्ञों की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। ओपीडी में मात्र जूनियर रेजिडेंट चिकित्सक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच के लिए उपलब्ध रहेंगे। विशेषज्ञों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय सरकार से नाराज होकर किया है। इसके लिए असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन ने पहले ही सरकार को अवगत करवा दिया था लेकिन सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं।
फिलहाल विशेषज्ञों ने एक दिन का अवकाश लिया है। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो ये विशेषज्ञ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। इससे मरीजों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन में कोई भी सेवा प्रभावित नहीं होगी। इसके लिए विशेषज्ञों ने पहले ही व्यवस्था कर दी है।
चंबा मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि पिछले तीन दिन से मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ काले बिल्ले लगाकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपनी मांगें पूरी करने के लिए सरकार को तीन दिन पहले ही अल्टीमेटम दे दिया था लेकिन सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया। इसके चलते उन्हें सामूहिक अवकाश पर जाना पड़ रहा है।
एसोसिएशन मांग कर रही है कि फील्ड में सेवाएं देने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों की तर्ज पर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों को भी अकादमी भत्ता दिया जाए। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती करने के साथी ही अन्य पदों को पदोन्नति से भरने की मांग की जा रही है। इसके अलावा कुछ और भी मांगे हैं जिनके बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।