अस्पताल में पति और चार बच्चियों के इलाज की करती रहीं पैरवी
निजी सुरक्षा कर्मियों ने देखने उनके घाव और पहुंचाया डॉक्टर तक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। झुलसे हुए पति को जब एंबुलेंस से स्ट्रेचर के जरिये उतारा जा रहा था तो पत्नी अपने घाव को भूलकर गोद में एक वर्षीय बच्ची लेकर पति को ही निहार रही थीं।
जब डॉक्टर ने उससे जलने के घाव के बारे में पूछा तो जवाब दिया कि मेरे पति की हालत कैसी है। उनके खुद के पैर, हाथ और बाजू झुलसने से छालों से भरे थे लेकिन उन्हें सिर्फ अपने पति के गहरे घाव ही दिखाई दे रहे थे। उन्हें बचाते हुए पति सबसे ज्यादा झुलसे थे। जोधा राम जब एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाए गए तो पत्नी और बच्चे भी साथ थे। चारों बच्चियां भी झुलस गई थीं। वे दर्द से रो रही थीं। पत्नी पूजा अपने दर्द को मन में ही दबाकर सिर्फ अपने पति और बच्चों को निहार रही थीं। जिसे देखने वाले सभी लोगों ने पहले यही सोचा कि शायद वह आग से नहीं झुलसी हैं लेकिन जब लोगों की नजर उनके पैरों और बाजू पर पड़ी तो उसमें आग के झुलसने के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। निजी सुरक्षा कर्मी ने उनकी गोद से एक वर्षीय बच्ची को नीचे उतारा और उसे उपचार के लिए डॉक्टर के पास ले गए। साथ ही उस महिला को निजी महिला सुरक्षा कर्मी ने हाथ पकड़कर डॉक्टर के पास पहुंचाया। इतना ही नहीं, महिला गर्भवती भी है।