सर्दियों में 15 नबंवर बाद साच-पास अमूमन बंद कर दिया जाता है। हालांकि, वाया साच-पास पांगी वासियों को सबसे नजदीकी रास्ता माना जाता है। मार्ग बहाल होने पर पांगी वासी 8 से 10 घंटो में चंबा मुख्यालय पहुंच जाते हैं।
जनजाति क्षेत्र पांगी के लोगों के लिए आखिरकार राहत की खबर है। चंबा पांगी वाया साच पास मार्ग लोक निर्माण विभाग की कड़ी मशक्कत के बाद छोटे वाहनों के लिए रविवार को खुल गया है। मार्ग के खुल जाने के बाद अब पांगी से चंबा पहुंचना पांगी वासियों के लिए आसान होगा। पांगी वासी पांगी से वाया साच पास होकर अब चंबा पहुंच सकेंगे।
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लोक निर्माण विभाग पांगी के 22 कर्मचारियों की टीम और चार बुलडोजर, एलएनटी व जेसीबी मशीनों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार 2 जुलाई को चंबा पांगी वाया साच पास मार्ग छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल करवा दिया गया। हालांकि बीते वर्ष की अपेक्षा एक माह का अधिक समय मार्ग को बहाल करने में लगा है। जिसके पीछे हिम खंडों का गिरना और अत्यधिक बर्फ़बारी होना मुख्य वजह बताया जा रहा है। बावजूद इसके अब मार्ग के बहाल हो जाने से पांगी वासियों ने राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि बैरागढ़ साच-पास किलाड मार्ग आठ माह बाद छोटे वाहनों के लिए बहाल हो गया। पांगी लोक निर्माण विभाग ने 10 अप्रैल 2023 से किलाड़ की तरफ से मार्ग बहाली का कार्य शुरू किया। बैरागढ़- साच-पास- किलाड़ मार्ग पर 16 गलेशर काटे गए। इतना ही नही सबसे बड़ा ग्लेशियर कालाबन में काटा गया। जिसकी ऊंचाई करीबन 70 फीट रही है। उक्त मार्ग को पागी लोक निर्माण के 22 कर्मचारी बहाल करने में 4 बलडोजर सहित एलएनटी, व जेसीबी मशीनों सहित जुटे रहें। बता दे कि पिछले वर्ष 26 अप्रैल 2022 को मार्ग बहाल हुआ था।
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सर्दियों में 15 नबंवर बाद साच-पास अमूमन बंद कर दिया जाता है। हालांकि, वाया साच-पास पांगी वासियों को सबसे नजदीकी रास्ता माना जाता है। मार्ग बहाल होने पर पांगी वासी 8 से 10 घंटो में चंबा मुख्यालय में पहुंच जाते हैं। लेकिन, परेशानी यहां तक भी रही पांगी लोक निर्माण विभाग को बलडोजर खराब होता रहा। पठानकोट से समान व मिस्त्री लाने पड़े। हर वर्ष बैरागढ़ साच-पास किलाड़ मार्ग पर काम अमूमन मार्च 15 के बाद शुरू हो जाता रहा है। लेकिन, 2023 में मार्ग बहाली का काम 10 अप्रैल से शुरू हो पाया।
चंबा- बैरागढ़- साच-पास- किलाड़ मार्ग पर 16 ग्लेशियर काटे गए सबसे बड़ा ग्लेशियर कालाबन में काटा गया जिसकी उंचाई करीबन 70 फीट रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मान सिंह ने इसकी पुष्टि की है। छोटे वाहनों के लिए मार्ग बहाल कर दिया गया है।